बेल्थरारोड (बलिया)। घाघरा नदी के किनारे स्थित ऐतिहासिक खैरा मठ की संपत्ति की भूमि को हड़पने के मामले में पुलिस ने शनिवार को तहसीलदार की तहरीर पर ग्राम प्रधान, सचिव और महंत के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। मामले में पुलिस ने महंत को गिरफ्तार भी किया। जबकि सचिव व ग्राम प्रधान फरार हैं।
जानकारी के मुताबिक, अतिप्राचीन व विख्यात खैरा मठ के करोड़ों की संपत्ति पर गांव के प्रधान व संदिग्ध महंत ने ग्रामपंचायत विकास अधिकारी संग जबरदस्त खेल किया और महंत (मृतक) के नाम का फायदा उठाकर संदिग्ध व्यक्ति को महंत बना दिया। साथ ही मठ से संबंधित परिवार रजिस्टर के भू-अभिलेख में भी कूटरचना कर घपला किया। इसी को लेकर एसडीएम विपिन कुमार जैन ने संज्ञान लिया था। बताते हैं कि असली महंत राघवेंद्र दास निवासी ग्राम चैनपुर गुलौरा बिल्थरारोड का करीब 11 वर्ष पूर्व जनवरी 2007 में ही निधन हो गया। जबकि फर्जी राघवेंद्र दास थाना मईल जनपद देवरिया का मूल निवासी है। मामले की जांच के बाद एसडीएम विपिन कुमार जैन के निर्देश पर तहसीलदार दूधनाथ गौतम ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए शनिवार को उभांव थाना को लिखित तहरीर सौंपा। इस मामले में पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी। उभांव थानाध्यक्ष राजेश कुमार सिंह बताया कि तत्कालीन ग्रामपंचायत सचिव प्रशांत कुमार यादव, प्रधान वीरेंद्र यादव व महंत राघवेंद्र दास के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है। वर्तमान समय में स्वयं को महंत होने का दावा करने वाले राघवेंद्र दास की जन्मतिथि एवं परिवार रजिस्टर में दर्ज राघवेंद्र दास की जन्मतिथि में काफी अंतर है। मठ के परिवार रजिस्टर संबंधित भू-अभिलेख में गांव के तत्कालीन ग्रामपंचायत अधिकारी प्रशांत कुमार ने फर्जीवाड़ा किया। जबकि गांव के प्रधान ने महंथ को प्रमाण पत्र जारी किया। इस मामले में जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रधान,सचिव और महंथ के खिलाफ केस दर्ज किया गया।