बलिया। जिले में बच्चों का अपहरण करने वाला गिरोह सक्रिय हो गया है। जिसका जीता जागता उदाहरण तीन-चार दिन पूर्व बैरिया कस्बा में 12 वर्षीय बालक का हुआ अपहरण तथा फेफना थाना क्षेत्र के मिड्ढा गांव के काली मंदिर के पास छह वर्षीय दो बालकों का अपहरण करने का प्रयास है।
प्रदेश सरकार लूट, छिनैती, डकैती, हत्या, अपहरण, बलात्कार आदि की घटनाओं पर अंकुश लगाने का दावा तो कर रही है। लेकिन जिले में इसका असर नहीं दिखाई पड़ रहा है। हालांकि पुलिस अधीक्षक ने इसके लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिया है। बावजूद पुलिस उदासीनता बरत रही है। यही वजह है कि जिले में बच्चों के अपहरण करने वाला गिरोह सक्रिय हो गया है। जिसका जीता जागता उदाहरण बैरिया कस्बा निवासी मो. कासिम का 12 वर्षीय पुत्र दानिश उर्फ पप्पू का है। जिसे वैन से पहुंचे बदमाशों ने 29 जुलाई 2017 को पिता के मिलाने का बहाना बनाकर जबरिया वैन बैठा लिया था और नशीला पदार्थ सूंघाकर बेहोश कर दिया था। जिला मुख्यालय पर पहुंचने के बाद बदमाशो ने एक स्थान पर गाड़ी रोककर चाय पीने लगे थी। तभी बच्चें को होश आ गया और गाड़ी में बदमाशों को न देख गाड़ी से बाहर निकल एक गली में छिप गया था। बदमाशों के चले जाने के बाद अपने रिश्तेदार के यहां पहुंचा और आपबीती सुनाई थी।
उधर, फेफना थाना क्षेत्र के मिड्ढा गांव के पूरब स्थित काली मंदिर पर शुक्रवार की शाम अपनी दादी के साथ गए छह वर्षीय नंदू शर्मा पुत्र नीरज शर्मा तथा उसका दोस्त छह वर्षीय उत्कर्ष पांडेय पुत्र रविशंकर पांडेय को बदमाशों ने अपहरण करने का प्रयास किया था। बच्चों के शोर मचाने पर बदमाश उन्हें छोड़कर भाग गए थे।