नगरा। शासन अवैध खनन को रोकने की कवायद में लगा हुआ है। वहीं पुलिसिया परमिट पर भीमपुरा थाना क्षेत्र में हो रहा अवैध खनन शासन की मंशा पर पानी फेर रहा है। आला अफसरों का ध्यान आकृष्ट करने के बाद भी खनन माफिया धड़ल्ले से अपने कामों को अंजाम दे रहे है। अवैध खनन खेती की उपजाऊ भूमि की उर्वरता को भी नष्ट कर रहा है। जिससे पैदावार पर भी असर पड सकता है।
भीमपुरा थाना क्षेत्र के अब्दुलपुर मदारी गांव में अवैध खनन 12 नवम्बर से जारी है। भीमपुरा पुलिस जानते हुए भी अनजान बनी थी। 15 नवम्बर को इस सम्बंध में अपर जिलाधिकारी मनोज सिंघल व उप जिलाधिकारी रसड़ा बाबूराम से लोगों ने शिकायत की तो काम रुका। लेकिन अवैध खनन में लगे जेसीबी मशीन के विरुद्ध कोई कार्यवाही नहीं की गई। अभी यह मामला चल ही रहा था कि सिहोरीडीह मौजा में शुक्रवार को भी आला अफसरों के हस्तक्षेप के बावजूद अवैध खनन जारी था। इस खनन के बावत भी भीमपुरा पुलिस को क्षेत्रीय लोगों द्वारा जानकाछरी दी गई तो खनन स्थल पर पहुंची पुलिस खनन माफिया के खिलाफ कार्यवाही करने के बजाय चुपचाप बैरंग लौट गई।
किसान नेता लाल बहादुर यादव ने बताया कि अवैध खनन से जहाँ किसानों के खेतों की उर्वरा शक्ति नष्ट हो रही है, वही राजस्व को भी खनन माफिया चूना लगा रहे हैं। एडीएम मनोज कुमार सिंघल ने बताया कि किसी को खनन के लिए टेंडर नहीं किया गया है। अगर कोई अवैध तरीके से खनन कर रहा है तो उसके खिलाफ एसडीएम और थाने की पुलिस को कार्रवाई करने के निर्देश दे दिया गया है।