बेल्थरारोड। भूमि का फर्जी स्वामित्व दर्शाकर तकनीकी विद्यालय का मान्यता लेने का मामला प्रकाश में आया है। यह खुलासा जन सूचना अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई सूचना के आधार पर हुआ है। इससे फर्जी भूमि पर मान्यता लेकर विद्यालय संचालित करने वालों में हड़कंप की स्थिति है । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया के माध्यम से छात्रों को तकनीकी शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने के सपनों की धज्जियां उड़ाई जा रही है। इसकी वानगी क्षेत्र के रूपवार भगवानपुर स्थित तकनीकी विद्यालय है। रूप वार भगवान पुर निवासी कन्हैया यादव ने न्यूरामचीज आईटीआई की भूमि के संबंध में जन सूचना अधिकार के तहत सूचनाएं मांगी। सूचना मिलने के बाद विद्यालय भूमि के अधिकार का खसरा और खतौनी से मिलान किया गया । जो भूमि लीज पर ली गई है। उसका मालिक कोई दूसरा है और वर्तमान समय में उस पर खेती हो रही है । ऐसे में फर्जी कागजात के जरिए विद्यालय संचालित किया जा रहा है। कन्हैया ने मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी को पत्र भेज वस्तुस्थिति से अवगत कराते हुए प्रभावी कार्यवाही की गुहार लगाई है । यह तो बानगी भर है । यदि क्षेत्र के विद्यालयों के कागजातों की जांच कराई जाए तो ऐसे कई फर्जी मामले सामने आ सकते हैं।