रसड़ा। क्षेत्र के कोटवारी गांव में शनिवार को चूल्हे की निकली चिंगारी से तीन झोपड़ियां जल कर राख हो गई। दमकलकर्मियों ने ग्रामीणों के सहयोग से आग पर काबू पा लिया लेकिन तबतक काफी नुकसान हो चुका था।
रामशंकर राम की पुत्री आशू शनिवार को चूल्हे पर खाना बना रही थी। इसी दौरान चूल्हे से निकली चिंगारी से झोपड़ी में आग लग गई। देखते ही देखते पास स्थित रामशंकर की दो और सर्वाशंकर की एक रिहायशी झोपड़ी को आग ने आगोश में ले लिया। इसकी सूचना पर दमकलकर्मी पहुंचे और ग्रामीणों की मदद से आग बुझाना शुरू किया। घंटों मशक्कत के बाद आग बुझाई गई लेकिन तबक तीनों झोपड़ियों में रखे सभी समान जल कर राख हो गए। रामशंकर ने दो सप्ताह पूर्व समूह से निकाले 20 हजार रुपये थे। आग की घटना में रुपये, 30 बोरी गेहूं 10 बोरी धान, गहना बर्तन कपड़ा सहित अन्य समान जल गया। सर्वाशंकर की झोपड़ी में रखे बर्तन, पलंग, कपड़े अनाज जल गये। पीड़ित परिवार खुले आसमान के नीचे जीवन यापन करने को मजबूर है।
सिकंदरपुर: क्षेत्र के भटवाचक की चांदपुर बस्ती से समीप शनिवार की दोपहर अज्ञात कारणों से कई किसानों की 11 बीघे गेहूं की फसल व बोझ जलकर राख हो गया। भटवाचक के चांदपुर बस्ती के लोग अपने कार्यों में व्यस्त थे। इसी दौरान तेजू राजभर की खेत में अज्ञात कारणों से आग लग गई। ेकुछ ही देर में 12 किसानों के खेत में आग फैल गई। इसमें 11 बीघे गेहूं की फसल व खेतों में रखे बोझ जल कर राख हो गए। घटना में तेजू राजभर का एक बीघा, शिवमुनि राम का 15 कट्ठा, केशव का एक बीघा, सूरज का 15 कट्ठा, हरी का एक बीघा, हीरा तुरहा का 30 कट्ठा, शियाशंकर का एक बीघा, हरिशंकर का 10 कट्ठा, घुटुर राय का दो बीघा, भूटन राम का दो कट्ठा, ईश्वर का 15 कट्ठा, राजकिशोर का एक बीघा खड़ी फसल व बांध कर खेतों में रखे बोझ राख हो गया। सूचना पर फायर ब्रिगेड की गाड़ी पहुंची लेकिन तबतक ग्रामीण आग बुझा चुके थे। क्षेत्रीय लेखपाल ने पड़ताल की।
नगरा: क्षेत्र के कोठिया गांव में शनिवार को मिठाई बनाने के लिए दूध गर्म करते समय गैस रिसाव से आग लगने से तीन मड़हे जलकर राख हो गए। इस घटना में नकद, एक लाख रुपये समेत सभी सामान जलकर नष्ट हो गया। गांव के श्रीकांत की बेटी की शादी रविवार को है। इससे पहले हुई आग की घटना में सबकुछ नष्ट होने से परिवार के लोगों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। कोठिया गांव में श्रीकांत यादव की बेटी शीला की बरात रविवार को आने वाली है। बरात एवं रिश्तेदारों के जलपान एवं बेटी की विदाई के लिए मिठाई बनाने के उद्देश्य से दूध गर्म किया जा रहा था। इस बीच गैस सिलिंडर से गैस का रिसाव होने लगा जिससे आग लग गई। मिठाई बनाने वाले कारीगर एवं परिजन जब तक कुछ समझ पाते तबतक आग मड़हे को पकड़ लिया और हवा के झोकों से विकराल रूप धारण कर दो अन्य रिहायसी मड़हे को अपने आगोश में ले लिया। चीखपुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच कर आग पर काबू पाने का प्रयास करने लगे। फायर ब्रिगेड की गाड़ी भी मौके पर पहुंच गई लेकिन आग पर काबू नही पाया जा सका। अगलगी में मड़हे में रखा गेहू, चावल, कपड़े, विदाई के लिए रखे गए सामान, बर्तन , 25 हजार नगदी सहित एक लाख रुपये से अधिक का सामान जलकर राख हो गया। अगलगी की घटना के बाद पिता श्रीकांत यादव के माथे पर चिंता की लकीरें उभर आई है, वही माँ सब्बाली देवी का रोते रोते बुरा हाल हो गया है।