इंदरपुर। जनपद में संचालित गोआश्रय स्थलों को आदर्श एवं आत्मनिर्भर बनाने के लिए इन्हें सुरभि स्थल के रुप में विकसित किया जाएगा। गोआश्रय स्थलों में निराश्रित, बेसहारा गोवंश को संरक्षित किया गया है। सुरभि स्थल पर कार्य पूर्ण कराने हेतु ब्लॉक स्तर पर टीम गठित की गईं हैं, जिसमें समस्त अधिशासी अधिकारी, पशुचिकित्साधिकारी, सहायक विकास अधिकारी पंचायत को शामिल किया गया है।
जनपद स्तर पर गठित टीम में मुख्य विकास अधिकारी, मुख्य पशुचिकित्साधिकारी, जिला कृषि अधिकारी, उपायुक्त स्वतः रोजगार व उपायुक्त श्रम रोजगार मनरेगा को शामिल किया गया है। जिलाधिकारी रवींद्र कुमार ने इस आशय का पत्र संबंधित अधिकारियों को जारी किया है।
सुरभि स्थल में होगी ये व्यवस्थाएं
रंगाई पुताई करा कर इसका फोटोग्राफ्स एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराना होगा। गेट व बाउंड्री वाल का निर्माण, सफाई व्यवस्था, पीने के पानी की व्यवस्था, चिकित्सा व्यवस्था, लाइट की व्यवस्था, गाय एवं सांड को अलग-अलग रखने की व्यवस्था, गर्भवती गायों की देख रेख एवं अलग रखने की व्यवस्था, अभिलेखों के रख रखाव की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगीं। आत्मनिर्भर बनाने के लिये चारागाह से सम्बद्धीकरण, पराली दो खाद लो योजना का क्रियान्वयन, स्वंय सहायता समूह का कार्य किया जाएगा।
जिलाधिकारी के पत्र के अनुपालन में कार्यवाई शुरु कर दी गई है। नगरा ब्लाॅक में तीन गोआश्रय स्थल हैं। इन्हें सुरभि स्थल के रुप में विकसित करने की कार्यवाई प्रारंभ कर दी गई है। यह कार्य प्राथमिकता में है। - डाॅ. बद्रीनाथ पाठक,पशुचिकित्साधिकारी