बलिया। कोरोना को लेकर एक साल पहले लोगों में जो एक भय का माहौल था, वह अब समाप्त हो चुका है। इसका कारण यह है कि इस समय जिले में मरीजों के पॉजिटिव मिलने की संख्या में काफी कमी आ गई है। उधर, टीकाकरण भी शुरू हो चुका है और जिले में प्रतिदिन लगभग 15 से अधिक स्थानों पर लोगों का रजिस्ट्रेशन और टीकाकरण किया जा रहा है। इस दौरान जिले में लोग रोडवेज बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, बाजार, अस्पताल आदि में जिस तरह की लापरवाही कर रहे हैं, वह खतरनाक हो सकता है। गौरतलब है कि महाराष्ट्र आदि में कोरोना मरीजों के लगातार आने के बाद देश में एक बार कोरोना संक्रमण को लेकर सावधान होने की जरूरत है। इस समय जिले में लोग संक्रमण को लेकर लापरवाह हो गए हैं। रोडवेज बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, बाजार, अस्पताल आदि में लोग मास्क, सैनिटाइजर आदि को लगभग भूल गए हैं। सोशल डिस्टेंसिंग तो अब जिले में सिर्फ कहने के लिए है। जिले के स्वास्थ्य विभाग की ओर से मिले आंकड़ों के अनुसार, जिले में दिनांक 15 मार्च तक कुल पॉजिटिव केस की संख्या नौ है। इसमें तीन पॉजिटिव केस 15 मार्च को ही आए हैं। जिले में कुल 321559 लोगों की सैंपलिंग कराई जा चुकी है। इसके सापेक्ष अब तक कुल 7257 पॉजिटिव केस सामने आ चुके हैं। इनमें से 106 की मौत हो चुकी है। जिले में टीकाकरण का अभियान शुरू होने के बाद कुल 34348 लोगों का टीकाकरण कराया जा चुका है। इसमें 27158 लोगों को पहला टीका लगा है तो 7190 लोगों को दूसरी डोज भी दी जा चुकी है। इसमें 7518 स्वास्थ्यकर्मी हैं, जिनमें से 5065 को दूसरी डोज भी दी जा चुकी है। रेवेन्यू के 598 कर्मचारियों को पहली डोज तो 64 को दूसरी डोज का टीका लगाया जा चुका है। पंचायतों के भी 1974 कर्मचारियों को पहला टीका लगा दिया गया है। जिले में टीकाकरण के नोडल डॉ. हरिनंदन प्रसाद के अनुसार फ्रंटलाइन वर्कर में शामिल 6294 लोगों को टीका लगाया जा चुका है। इसमें 5867 को पहली डोज तो 420 को दूसरी डोज भी दी जा चुकी है। सिटीजन टीकाकरण की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि कुल 13006 लोगों पहली डोज दे दी गई है। इस समय जिले में अलग दिनों के हिसाब से टीकाकरण केंद्रों का संचालन किया जा रहा है, जिसमें तीन प्राइवेट अस्पताल भी शामिल हैं। प्राइवेट अस्पतालों में महावीर हॉस्पिटल, कदम चौराहा, शांति देवी नेत्रालय, गुदरी बाजार, शांति हॉस्पिटल शंकरपुर मझौली में टीकाकरण किया जा रहा है।