सर्द हुई राते इंतजाम गायब: नगर सेंट्रल बैंक के समीप आग जलाकर हाथ सेंकते रिक्शाचालक।
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बलिया। जिले में ठंड बढ़ने लगी है। दिन में तो राहत है लेकिन रात काटनी मुश्किल हो रही है। बावजूद इसके अभी तक नगर पालिका या जिला प्रशासन की ओर से ठंड को लेकर कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। न तो शहर में कहीं अलाव दिखाई दे रहे हैं और न ही गरीबों को कंबल बांटे गए। अलबत्ता सड़क पर ठंड गुजार रहे कछ लोग जुगाड़ से ठंड से बचने की जुगत में दिखे। रविवार की देर रात में अमर उजाला की टीम शहर में निकली तो ठिठुरती जिंदगी का जो नजारा सामने आया वह अंदर से कंपा गया। कोई स्टेशन के किसी कोने में दुबका मिला तो कोई रोडवेज बस स्टैंड पर कांपता दिखा। चित्तू पांडेय चौराहे पर शेरे बलिया की प्रतिमा के पास खुले आसमान के नीचे 12 से अधिक लोग सोए मिले तो बाबा बालेश्वरनाथ मंदिर के पास सड़क के किनारे भी यही हाल दिखा। वहीं स्टेशन के सामने सेंट्रल बैंक के पास अपने जुगाड़ से आग जलाकर ठंड को भगाने का प्रयास कर रहे रिक्शा चालकों की बेबसी भी नजर आई। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी दिनेश विश्वकर्मा ने बताया की एक स्थायी शेल्टर होम कोतवाली के पास मिड्ढी में चल रहा है। वहां 30-35 लोगों के रात गुजारने की व्यवस्था है। यहां रिक्शा और ठेला चलाने वाले या ऐसे लोग रात गुजार सकते हैं, जिन्हें कहीं रात गुजारने की सुविधा नहीं हो। बताया किअभी ददरी मेला चल रहा था, जिसकी व्यस्तता के कारण अलाव व अस्थायी रैन बसेरा शुरू नहीं किया जा सका। अगले तीन से चार दिन में शहर में रोडवेज बस स्टैंड, चित्तू पांडेय चौराहा तथा बालेश्वर मंदिर के पास रैन बसेरे शुरू कराए जाएंगे। जबकि चिह्नित स्थानों पर अलाव के इंतजाम भी करवाए जाएंगे।