बलिया। जिले में चार साल से सर्किल दर नहीं बढ़ी। जबकि शहर और इसकी सीमा में करीब 10 किमी के दायरे में तेजी से हुए विकास के कारण जमीन के दाम आसमान छूने लगे हैं। परिवहन सुविधाएं बढ़ीं तो निजी क्षेत्र ने विकास का पहिया भी आगे बढ़ाया। वास्तविक कीमत के अनुसार सर्वे हो तो सर्किल दर में बढ़ोतरी होनी तय है। सदर तहसील के उपनिबंधक ने 2019-20 में सर्किल दर में संशोधन हुआ था। अब सर्किल रेट बढ़ाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। इस बार शहरी क्षेत्र की जमीनों के सर्किल रेट में 15 से 20 फीसद इजाफा होना तय है। प्रशासन शहर और आसपास के क्षेत्रों में जमीन की कीमत का सर्वे कराएगा।
उन्होंने बताया कि जिन लोगों को जमीन की खरीद-फरोख्त करनी है, उन्हें जल्द ही रजिस्ट्री कराने की जरूरत है। प्रशासन ने जमीन का सर्वे कराने की तैयारी की है। ताकि एक अगस्त से सर्किल दर बढ़ाने की प्रक्रिया आसान हो जाए। जमीन की कीमत के अनुसार प्रस्ताव तैयार हुआ तो कई क्षेत्रों में सर्किल दर दोगुनी हो जाएगी। इसमें रजिस्ट्री विभाग का राजस्व लक्ष्य आसान होगा, जबकि खरीदने वालों की जेब पर बोझ पड़ेगा।
सिकंदरपुर रोड पर शहर से पांच किमी दूर हनुमानगंज में तेजी से बसाहट हो रही है। क्योंकि लोगों के लिए यह क्षेत्र पहली पसंद बन गया है। इसी प्रकार बांसडीह रोड पर तेजी से निर्माण और प्लॉटिंग हो रही है। गड़वार रोड पर मिड्ढा तक तेजी से निर्माण हो रहा है। जहां गांव थे, वहां शहर जैसा नजारा दिख रहा है। इन क्षेत्रों में 500 से 1500 रुपये वर्गफीट जमीन मिल रही है। भगवानपुर, अगरसंडा, निधरिया के आसपास जमीन की कीमत अधिक हो गई है। जबकि बैरिया रोड पर जमुआं, सहरसपाली, उदयपुरा के पास इमारतें आकार ले रही है। इसके अलावा बहेरी रोड पर भी जलालपुर से लगायत हैबतपुर, मालदेपुर, खोरीपाकड आदि इलाकों में तेजी से नए भवन बनाए जा रहे हैं।
सदर तहसील के उपनिबंधक विनय कुमार सिंह ने बताया कि 2019-20 में सर्किल दर में संशोधन हुआ था। अब सर्किल रेट बढ़ाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। शीघ्र ही सर्किल रेट में बढ़ोतरी की जाएगी। बताया कि इस बार शहरी क्षेत्र की जमीनों के सर्किल रेट में 15 से 20 फीसद इजाफा होना तय है। बताया कि वैसे तो हर साल सर्किल रेट को रिवाइज किए जाने की व्यवस्था है, लेकिन बीते वर्ष में ग्रीन फील्ड जैसे सरकारी प्रोजेक्ट के चलते सर्किल रेट रिवाइज नहीं हो सका था।