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बिजली के लिए तरस रहे 107 स्कूलों के बच्चे

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बलिया। पचास रुपये खर्च करने की कंजूसी ने जिले के 107 विद्यालयों को बिजली कनेक्शन से वंचित कर रखा है। इन विद्यालयों को कायाकल्प के 19 मानक पूरे करने हैं, जिसमें विद्यालयों में बिजली आपूर्ति प्राथमिकता पर है। इसके लिए तत्काल पोर्टल पर आवेदन करना था, जिसके लिए पचास रुपये खर्च होते हैं, मगर इस धन के लिए बजट का इंतजार कर रहे जिम्मेदारों ने आवेदन नहीं किया है।
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जिले में 2249 परिषदीय स्कूल हैं जिनमें 1598 प्राथमिक, 259 उच्च प्राथमिक और 392 संविलियन विद्यालय हैं। इनमें पढ़ने वाले छात्र- छात्राओं को निजी स्कूल जैसी सुविधा मिल सके, इसके लिए शासन की ओर से विभिन्न प्रकार की योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। इसके तहत डेस्क व बेंच की सुविधा के साथ ही बिजली की रोशनी व पंखे इत्यादि की व्यवस्था भी विद्यालयों में मुहैया कराई जा रही है। अधिकांश विद्यालयों में विद्युतीकरण कराया गया है। जिन विद्यालयों में बिजली कनेक्शन नहीं है, उनमें पढ़ने वाले बच्चे गर्मी में परेशान हैं। जिले के लगभग 107 विद्यालय ऐसे हैं, जहां अभी तक बिजली कनेक्शन की सुविधा नहीं है। इसी कारण यहां पढ़ने वाले लगभग छह हजार छात्र-छात्राओं को कक्षा में बिना पंखे व बल्ब के पढ़ाई करने को विवश होना पड़ता है। विभाग ने एक माह पहले ऐसे विद्यालयों को चिह्नित कर प्रधानाध्यापकों को निर्देशित किया कि वे बिजली कनेक्शन पाने के लिए तत्काल झटपट पोर्टल पर आवेदन करें, ताकि बिजली सुविधा मुहैया करायी जा सके।
विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को बिजली कनेक्शन पाने के लिए तत्काल झटपट पोर्टल पर आवेदन करने के लिए निर्देशित किया गया है। साथ ही बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता को भी विद्युत संयोजन के लिए पत्र लिखा गया है।
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- सत्येंद्र राय, डीसी, कायाकल्प
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