थाना क्षेत्र के हनुमानगंज में बालक की हत्या कर पोखरे में फेंक देने की गुत्थी पुलिस व स्वाट टीम ने सातवें दिन बुधवार को सुलझा दी। हत्यारोपी संजीव पासवान निवासी हनुमानगंज को पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया। मंगलवार की रात मुठभेड़ के दौरान क्राइम इंस्पेक्टर संजय शुक्ला ने पुलिस टीम के बचाव में जवाबी फायर के दौरान आरोपी के पैर में गोली लगने से घायल हो गया, आरोपी को जिला अस्पताल में भेजा दिया। यह जानकारी पुलिस अधीक्षक राजकरन नैय्यर ने थाना परिसर में पत्रकार वार्ता के दौरान दी।
उन्होंने बताया कि दस अप्रैल को हनुमानगंज निवासी एक बालक बकरी चराते समय अपहरण होने का मामला आया था। जिसमें गुमशुदगी का मुकदमा दर्ज कर, पुलिस गुमशुदा की तलाश रही थी कि 12 अप्रैल को गांव के पोखरे में उक्त मासूम का शव उतराया मिला। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला घोंट कर हत्या करने का मामला प्रकाश में आया। घटना का खुलासा करने के लिए अपर पुलिस अधीक्षक दुर्गा प्रसाद तिवारी के नेतृत्व में टीमों का गठन किया गया था। मुखबिर की सूचना पर पुलिस व स्वाट टीम ने 18 व 19 अप्रैल की रात में आरोपी संजीव पासवान उर्फ बुआ को बसंतपुर कूड़ा निस्तारण केन्द्र तिराहा के पास पकड़ने का प्रयास किया। पुलिस टीम को देख फायर कर दिया। अपना व टीम का बचाव करने के दौरान जवाबी कार्रवाई के दौरान उसके पैर में गोली लगने से घायल हो गया। अभियुक्त ने गला दबाकर हत्या करके शव को हनुमानगंज पोखरे में फेंकने की बात स्वीकारी है। गिरफ्तार करने वाली टीम में उपनिरीक्षक बांके बहादुर सिंह, राम सिंह यादव, जयप्रकाश के अलावा थानाध्यक्ष पीएन सिंह और एसओजी टीम प्रभारी अजय यादव शामिल रहे। इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक डीपी त्रिपाठी व सीओ सिटी एसएन वैभव भी मौजूद रहे।