बलिया। वर्ष 2013 में दर्ज कराए गए जानलेवा हमले मामले में अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश एमपी-एमएलए कोर्ट हुसैन अहमद अंसारी की अदालत ने सुनवाई हुई। इस दौरान अभियुक्त पूर्व मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ला, दीपक पांडेय उर्फ आशुतोष, रत्नेश यादव, विवेक सिंह, अविनाश सिंह के खिलाफ आरोप तय किए गए। इसके साथ ही 24 नवंबर को अभियुक्तों को न्यायालय में उपस्थित होकर आत्मसमर्पण करने का आदेश पारित किया है।
वादी सुधीर ओझा ने वर्ष 2013 में शहर कोतवाली में दर्ज कराए गए मुकदमे में आरोप लगाए थे कि छात्रसंघ चुनाव में गुटबाजी को लेकर उन पर चाकू से जानलेवा हमला किया गया। मामले में सभी आरोपी बनाए गए थे। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष आरोप को गलत साबित नहीं कर सका। वादी ने आग्रह किया था कि आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए जाएं। उक्त मामले में सुनवाई करते हुए न्यायालय ने अभियुक्तों के खिलाफ धारा 307, 149 के तहत आरोप तय किए।