बलिया। जिला अस्पताल की इमरजेंसी व्यवस्था में बदलाव हो गया है। वर्षों से शोपीस बनी माइनर ओटी में सड़क दुर्घटना सहित अन्य गंभीर मरीजों का इलाज और मरहम पट्टी हो रही है। वहीं, इमरजेंसी में आने वाले महिला पुरुष मरीजों के लिए दो अलग-अलग कमरों में इलाज की सुविधा शुरू हो गई है। इसमें मेडिकल उपकरण, पंखे व अन्य सामान लगाए गए हैं।
मरीजों संग आने वाले तीमारदारों की भीड़ वार्डों में न हो, इसके लिए उनके बैठने के लिए आगे वाले हाल में कुर्सियां और कूलर लगाया गया है। बदली व्यवस्था से मरीजों को काफी सहूलियत मिल रही है।
जिलाधिकारी रवींद्र कुमार ने अस्पताल के निरीक्षण के दौरान इमरजेंसी में मरीजों की होने वाली परेशानी को देखते हुए बदलाव के सुझाव दिए थे। पूर्व में एक ही वार्ड में महिला पुरूष का इलाज होता था। महिलाओं को खुलेआम इंजेक्शन लगाया जाता था, जिससे उन्हें शर्मिंदगी से गुजरना पड़ता था।
सीएमएस डा. एसके यादव ने बताया कि जिला अस्पताल में शासन द्वारा मौजूद बेहतर चिकित्सकीय सुविधा मरीजों को मुहैया कराई जा रही है। उन्हें किसी तरह की परेशानी न हो, इसका भी ध्यान दिया जा रहा है।