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चंद्रशेखर ने देश में बलिया को दी नई पहचान : योगी आदित्यनाथ

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पुलिस लाइन परिसर में आयोजित जनसभा के दौरान विभिन्न परियोजनाओं का रिमोट से लोकार्पण करते मुख्यमं - फोटो : BALLIA
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बलिया। जननायक चंद्रशेखर ने बलिया को एक नई पहचान दी। आजाद भारत की राजनीति के एक नए चेहरे ने बलिया से निकलकर अपनी पहचान देशभर में बनाई। कश्मीर से लेकर कन्या कुमारी तक, महाराष्ट्र और गुजरात से लेकर पूर्वोत्तर तक, नेपाल से लेकर बांग्लादेश तक देश में ऐसा कोई स्थान नहीं है, जहां चंद्रशेखर के प्रशंसक नहीं हैं। उक्त बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए कहीं।
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अपने निर्धारित कार्यक्रम से आधे घंटे विलंब से लगभग 11:30 बजे जनपद पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जननायक चंद्रशेखर उद्यान में पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की प्रतिमा का अनावरण करने के साथ ही उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। पुलिस लाइन परेड ग्राउंड में जनपद से सब्जियों के निर्यात के लिए मिर्च लेकर दोहा कतर जाने के लिए ट्रक को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ‘आजीविका से आत्मनिर्भरता की ओर’ कार्यक्रम के तहत निराश्रित महिलाओं को स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनाने के लिए 10 महिलाओं में टूल किट का वितरण किया। 75 करोड़ की कुल 46 परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण भी किया। जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि चंद्रशेखर हमेशा मूल्यों और आदर्शों की राजनीति की। देशहित उनके लिए सर्वोपरि था। संसदीय लोकतंत्र की मजबूती उनकी अहम भूमिका थी। जब लोकतंत्र को कुचलने का प्रयास हुआ तो वह देश के लिए मुखर स्वर बने। जब स्वदेशी आंदोलन चला तो उन्होंने खुलकर इसका समर्थन किया था। जिस प्रतिमा का अनावरण किया गया, उसका निर्माण कार्य आजमगढ़ में हुआ है। कहा कि उस हस्त शिल्पकार की तारीफ करनी होगी।
उन्होंने कहा कि बलिया बागी स्वभाव के लिए जाना जाता है, लेकिन उससे भी अलग हटकर अपनी पहचान बना सके, इसका आज शुभारंभ हुआ है। कृषक संगठनों के माध्यम से यहां अलग-अलग सब्जी का उत्पादन होगा और वह दुनिया भर के अंतराष्ट्रीय बाजार में जाएगी। किसान की आमदनी को दोगुनी करनी है तो खेत से बाजार तक का सफर बेहतर तरीके से कराना होगा। दोनों तरफ गंगा और सरयू जैसी बड़ी नदियां होने कारण जल मार्ग से कृषि उत्पाद को वैश्विक बाजार तक पहचाने में मदद मिलेगी। भविष्य में इस मार्ग पर मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक और ट्रांसपोर्ट हब बनाने पर विचार किया जा सकता है। व्यापार और रोजगार को देखा जाए तो हल्दिया-वाराणसी वाया बलिया होकर जल मार्ग का उपयोग हो तो हजारों लोगों को यहीं रोजगार मिल जाएगा। यहां से बाहर अन्य प्रांतों में रोजगार के लिए नहीं जाना पड़ेगा। इसमें कृषक उत्पादन संगठन काफी बेहतर कर सकता है। सीएम योगी ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, कृषि, पर्यटन के क्षेत्र में विकास के लिए परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास हुआ है। आश्वस्त किया कि बलिया के विकास के लिए कोई परियोजना लंबित नहीं रहेगी।
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महिला स्वावलंबन की पहल सराहनीय
बलिया। निराश्रित महिलाओं को महिला स्वावलंबन की पहल की सराहना करते हुए कहा कि टूल किट देने के बाद इनके प्रशिक्षण व अन्य व्यवस्था को कर लिया जाए। मिल्क प्रोड्यूसर के साथ पोषण मिशन के साथ भी इनको जोड़ने पर बल दिया, ताकि पोषण से जुड़े कार्य पारदर्शी तरीके से हो सके। दुग्ध उत्पाद में झांसी में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने इस दिशा में सकारात्मक परिणाम दिखाया है। उन्होंने जिलाधिकारी से कहा कि किसी एक ब्लॉक को चुन पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर दुग्ध उत्पादन के लिए महिलाओं को प्रशिक्षित करने के निर्देश दिए।

बलिया ः चंद्रशेखर उद्यान में पूर्व प्रधानमंत्री स्व. चंद्रशेखर की प्रतिमा के अनावरण के बाद श्रद?- फोटो : BALLIA

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