फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पालघर में संतों की हुई हत्या की सीबीआई से जांच की मांग

विज्ञापन
विज्ञापन
बैरिया। महाराष्ट्र के पालघर में संतों की हुई निर्मम हत्या पर बैरिया के भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह ने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए पूरी घटना की सीबीआई से जांच कराने की मांग की है। श्री सिंह शुक्रवार को अपने चांदपुर स्थित आवास पर पत्रकारों से मुखातिब थे। उन्होंने इस घटना को निर्मम व हृदयविदारक बताते हुए कहा कि संतों को लाठी-डंडे से पीट-पीटकर मार डालना सनातन धर्म पर हमला है। उन्होंने कहा कि इस घटना का कांग्रेस, सपा, बसपा, वमपंथी दल के नेताओं ने निंदा की तो बात दूर कहीं चर्चा भी नहीं की। अगर इस तरह की घटना किसी अल्पसंख्यक समुदाय के साथ हुई होती तो ये लोग पूरी धरती को सर पर उठा लेते और सरकार को पानी पी-पीकर गाली देते। लेकिन इस घटना की चर्चा भी उक्त लोगों ने नहीं की। वास्तव में इन दलों के अधिकांश नेता सनातन धर्म के विरोधी हैं। फायदे की राजनीति के लिए इन लोगों ने अपनी जमीर को गिरवी रख दिया है। उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यंत्री उद्धव ठाकरे पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जिसके पिता हिंदुत्व की रक्षा के लिए पूरा जीवन लगा दिया हो, उसका बेटा सत्ता लोभ में सनातन धर्म के विरोधियों से समझौता कर लिया हो, इसे हम क्या कहें। इस देश की जनता सब कुछ देख रही है और उचित समय पर इस संदर्भ में उचित निर्णय लेगी। कोरोना संक्रमण में लॉक डाउन के चलते इस घटना के विरोध में आंदोलन नहीं हो रहा है। जिस दिन लॉक डाउन समाप्त हुआ, उसी दिन महाराष्ट्र सरकार के खिलाफ सनातन धर्म के लोग बड़ा आंदोलन खड़ा करेंगे। जूना आखाड़े के महंथ कल्पवृक्ष गिरि व उनके सहयोगी संत सुशील गिरि और उनके चालक की हत्या महाराष्ट्र सरकार में शामिल लोगों ने षणयंत्र करके कराई है। कहा कि पुलिस ने इस संतों को हिंसक भीड़ में ढकेलकर उनकी हत्या कराई है। वहां के एसपी, सीओ, संबंधित थानाध्यक्ष व मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों को खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन वहां की सरकार इससे बच रही है। केवल कुछ लोगों को निलंबित किया गया है। उन्होंने संतों के निर्मम हत्या को दुखद व दूरगामी परिणाम वाला घटना बताया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें