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30 फीसदी मेडिकल स्टोरों में लगे कैमरे

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बलिया। शासन ने बिना लाइसेंस के चल रहे मेडिकल स्टोरों पर कार्रवाई और नशे की दवाओं पर अंकुश लगाने के लिए अभियान छेड़ा हुआ है। इसके बाद भी अंकुश नहीं लग पा रहा। अभियान के क्रम में सभी मेडिकल स्टोरों पर सीसीटीवी कैमरे लगवाने हैं। जनपद में अभी तक 30 फीसदी मेडिकल स्टोरों पर ही कैमरे लगाए जा सके हैं, जबकि विभागीय आंकड़ों के अनुसार जनपद में दो हजार से अधिक मेडिकल स्टोर संचालित हो रहे हैं। हालांकि विभाग का कहना है कि इसमें थोक विक्रेता भी शामिल हैं।
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कई ऐसी दवाएं हैं जो सिर्फ चिकित्सक द्वारा मरीज के पर्चे पर लिखने के बाद ही मिलती हैं। लेकिन इन दवाओं में युवा नशा ढूंढ रहे हैं। शहर की युवा पीढ़ी धीरे धीरे कई तरह के घातक नशे की गिरफ्त में आती जा रही है। इन दवाइयों की खरीदी बिक्री के कड़े नियम के बाद भी धड़ल्ले से इसे युवाओं को उपलब्ध कराया जा रहा है। इस पर शासन की ओर से कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। इसे लागू करने के लिए मेडकल स्टोरों पर सीसीटीवी कैमरे लगवाए जाने हैं। नियमों के अनुसार इन दवाओं की बिक्री के लिए मेडिकल स्टोर स्वामी को रजिस्टर बनाना पड़ेगा है। दवाओं की बिक्री से संबंधित हिसाब स्वास्थ्य विभाग को देना होगा। प्रतिबंधित दवाएं सिर्फ चिकित्सक की सलाह पर ही मरीज को दी जाएंगी। शासन के निर्देश के बाद जिलाधिकारी की ओर से मेडिकल स्टोर संचालकों को निर्देशित किया गया था। इसके बाद भी औषधि निरीक्षक सिध्वेश्वर शुक्ला ने बताया कि 30 प्रतिशत कैमरे अब तक लगाए गए हैं। समय-समय पर मेडिकल स्टोरों की जांच की जाती है और दवाओं के नमूने भरे जाते हैं। महीने में करीब 50 से अधिक सैंपलिंग हुई है। इसमें 10 कोडीनयुक्त दवाइयों की सैंपल भेजे जाते हैं। देखा जाता है कि मेडिकल स्टोर अपनी बिल जारी करते है की नहीं। इस पर डीएलए आजमगढ़ द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किया जाता है और कार्रवाई होती है।
अवैध मेडिकल स्टोरों की बाढ़
बलिया। औषधि निरीक्षक के अनुसार जनपद में संचालित होने वाली मेडिकल स्टोेरों की संख्या लगभग दो हजार हैं, जबकि वास्तव में इसकी संख्या काफी ज्यादा है। गांव की गलियों में भी इनका संचालन हो रहा है। दो दिन पहले ही गड़वार थाना क्षेत्र में छापेमारी कर तीन मेडिकल स्टोेरों को सील किया गया था। इसी कारण से नशे के कारोबार पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में भारी मात्रा में अवैध रूप से मेडिकल स्टोर खुले हुए हैं।
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