आवास विकास परिषद आजमगढ़ की टीम ने शुक्रवार को आवास विकास कालोनी में एक उत्सव गृह द्वारा अवैध रूप से किए गए अतिक्रमण पर बुलडोजर चलाया। इस सख्त कार्रवाई से अतिक्रमणकारियों में खलबली मची रही। भारी पुलिस बल के कारण चाह कर भी कोई विरोध नहीं कर सका। एसडीएम सदर की मौजूदगी में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चला। सुरक्षा को लेकर कोतवाल राजीव सिंह भारी पुलिस व पीएसी बल के साथ तैनात रहे।
शहर के आवास विकास कालोनी में मंगलम उत्सव गृह द्वारा आवास विकास परिषद के खाली प्लांट पर अवैध कब्जा कर दस फीट बाउंड्री वाल का निर्माण कर लिया गया था। लॉन के रूप में बुकिंग कर लाखों रुपये की कमाई की जा रही थी। रेवती निवासी जितेंद्र तिवारी कुछ दिनों पूर्व उक्त भूमि को विभाग से आवंटित करवा लिया था। उन्होंने बार-बार अतिक्रमण हटाने को कहा। स्थानीय प्रशासन में शिकायत देने के बावजूद कोई पहल न होने पर उन्होंने आवास विकास परिषद में शिकायत की। इसे संज्ञान में ले विभाग ने उत्सव वाटिका संचालक को अतिक्रमण हटाने का नोटिस दिया। तय समय बाद भी अतिक्रमण न हटने पर परिषद के एई अभिषेक वर्मा स्थानीय प्रशासन की मौजूदगी में उत्सव लाज परिसर की दीवार व गेट को बुलडोजर से गिरवा दिया। उत्सव गृह भवन के आगे पूरा परिसर अतिक्रमण कर बनाया गया था। एई अभिषेक वर्मा ने कहा कि संचालक से अतिक्रमण वाली जगह का राजस्व विभाग द्वारा तय रेट पर किराया वसूला जाएगा। शासन के निर्देश पर विभाग सभी शहरों में मौजूद अपनी भूमि से अवैध अतिक्रमण हटा रहा है। लोगों को घरों के आगे नालियों व खाली प्लाटों पर किए गए अतिक्रमण को तत्काल हटाने का निर्देश दिया। अन्यथा बुलडोजर से कार्रवाई होगी। एई सुभाष वर्मा ने कहा कि आवास विकास कालोनी में करीब दो दर्जन से ऊपर अतिक्रमण किया गया है। क्रमवार सभी के खिलाफ कार्रवाई कर तोड़ा जाएगा, कितनी भी ऊंची पहुंच वाला हो कार्रवाई नहीं रूकेंगी। इस दौरान एई लल्लन प्रसाद, जेई ऋषभ सिंह, वर्क मठ भगवान सिंह, सावन श्रीवास्तव शामिल रहे।
उत्सव वाटिका का मेन रास्ता बंद
आवास विकास परिषद के एई अभिषेक वर्मा ने नापी जोखी के बाद उत्सव वाटिका जाने वाले रास्ते को बंद कर दिया। कहा कि यह जमीन बगल के मकान वाले का बताया। उसे जल्द निर्माण करने के निर्देश दिया। उत्सव वाटिका का रास्ता गली से होने से संचालकों में काफी निराशा है। वहीं आसपास के लोगों में खुशी है, लाज में बुकिंग के कारण आए दिन मांगलिक कार्यक्रम से हंगामा होनेे से परेशानी होती थी। संचालकों ने कुछ लोगों पर बदले के स्वरूप कार्रवाई का आरोप लगाया।