नगर के टाउन हाल बापू भवन में बाबूनंदन राय की स्मृति में आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित लोग।
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नगर के टाउन हाल बापू भवन परिसर में बाबूनंदन राय स्मृति में बृहस्पतिवार को सेमीनार आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ राय के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित एवं पुष्प अर्पित कर किया गया।
सेमिनार को संबोधित करते हुए माकपा पोलित ब्यूरो की सदस्य व पूर्व सांसद सुभाषिनी अली ने कहा कि बलिया की धरती में अपने जुझारू संघर्ष और विद्रोह के तेवर को हमेशा कायम रखा तथा हिंदू- मुस्लिम मिलकर के संघर्ष किया तो आजादी हमें हासिल हुई। हमारे आजादी के आंदोलन के संघर्ष से हमारा संविधान निकला। जिसको देश की जनता ने स्वयं को अर्पित किया। स्वतंत्रता,समानता,बंधुत्व और भाई चारा हमारे संविधान की मौलिक विशेषता है। हमारा संविधान नफरत के लिए कोई स्थान नहीं देता है और आज की सत्ता नफरत को ही हथियार बना करके देश की संपदा को अपने दो साथियों अडानी अंबानी को सौंप रही है। डॉ.अखिलेश राय ने कहा कि अच्छे दिन का नारा दे करके नव फासीवाद और नौकरशाही का राज्य कायम किया जा रहा है। प्रोफेसर सुमित कौशिक ने कहा कि बहुसंख्यकवाद का हश्र हमेशा लोकतांत्रिक मूल्यों एवम आदर्शो के खिलाफ है। प्रो. अनिल कुमार ने कहा कि सांप्रदायिकता के रैपर में लिपटा पूंजीवाद रोजगार, शिक्षा और प्रगतिशील मूल्यों को समाप्त कर दिया है। आज देश में ऐसे पर्यावरण का निर्माण किया जा रहा हैं जिसमें मन की बात करने वाले ही सुरक्षित है। सेमिनार की शुरुआत कॉम रामकृष्ण यादव ने कॉम बाबूनंदन राय के कृतित्व और व्यक्तित्व पर प्रकाश डाल कर किया। सेमिनार की अध्यक्षता कॉम सुभाष चंद्र सिंह और संचालन कॉम प्रेम नाथ राय ने किया। इस मौके पर लक्ष्मण यादव, द्विजेंद्र मिश्र, रामजियावन यादव, रघुवंश, सेराज अजीत व डॉ हैदर अली आदि मौजूद रहे।