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भाई को राखी बांध रक्षा का लिया वचन

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क्षाबंधन पर्व पर परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह को राखी बांधतीं ब्रह्मकुमारी बहने। - फोटो : BALLIA
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भाई-बहन का पवित्र पर्व रक्षाबंधन शुक्रवार सुबह भी हर्षोल्लास पूर्वक मनाया गया। इस दरम्यान बहनों ने भाइयों के कलाई पर रक्षासूत्र बांध कर सुरक्षा व सम्मान का भरोसा भाइयों से मांगा। नगर समेत ग्रामीण अंचलों में भी त्योहार धूमधाम से मनाया गया। बहनों ने भाइयों की आरती उतारी, तिलक लगाया और मुंह मीठा कराते, उनसे रक्षा का वचन लेते उनके दीर्घायु की कामना की। छोटे बच्चों में इस दौरान विशेष उत्साह देखा गया।
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प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की ब्रह्माकुमारी बहनों ने शहर के सेठ कालोनी स्थित ब्रह्माकुमारीज संस्था की स्थानीय शाखा में रक्षाबंधन का पवित्र पर्व मनाने के साथ-साथ जिला कारागार में निरुद्ध लगभग 600 कैदी भाइयों को राखी बांधी गई। कार्यक्रम के शुरूआत में सभी ने दो मिनट ईश्वर का ध्यान किया। जिला कारागार में निरूद्ध सभी बन्दियों को ब्रह्म कुमारी संस्था की मुख्य संरक्षक उमा एवं उनके साथ आई बहनों ने माथे पर तिलक लगाकर, मिठाई खिलाकर राखी बांधी। ब्रह्म कुमारी की मुख्य संरक्षक बहन उमा ने बताया कि रक्षाबन्धन एक पवित्र संकल्प है, जिसमें बहन की सुरक्षा, देश सुरक्षा, समाज की सुरक्षा सर्वोपरि है। इस क्रम में सभी बन्दी भाइयों से अनुरोध किया कि रक्षाबन्धन के शुभ अवसर पर ब्रह्म कुमारी बहनों को उपहार की जगह अपनी एक बुराई दें। जेलर राजेन्द्र सिंह ने अपने वक्तव्य में ब्रह्म कुमारी संस्था का आभार व्यक्त किया। उप करापाल अमर सिंह व रीना तिवारी की मौजूद रहीं। ब्रह्माकुमारीज सेवा केन्द्र की मुख्य इंचार्ज बीके उमा दीदी ने रक्षाबंधन पर्व के आध्यात्मिक रहस्यों को समझाते हुए न के महत्व एवं कर्मों के गहन गति के बारे में बताया। इसके पूर्व ब्रह्माकुमारी बहनों ने परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह, जिला जज सहित जिले के आला अधिकारियों को भी रक्षा सूत्र बांधी एवं रक्षाबंधन के पवित्र संदेशों से अवगत कराया।
मुस्लिम परिवार में भी मना रक्षाबंधन
त्योहार आपसी सौहार्द और प्रेम का संदेश देता है। इसके किसी धर्म या जाति के बंधन में नहीं बांधा जा सकता। क्षेत्र के बाछापार गांव में अनवर ने अपनी बहन हुस्नआरा से राखी बंधवाकर समाज को आईना दिखाने का काम किया है। लोगों को यह पता चल सके की धर्म से बढ़कर भाईचारे की बात होनी चाहिए। सभी धर्मों का सम्मान होना चाहिए। ये परिवार होली, दिवाली भी मनाता है। पूरा परिवार 63 सदस्यों का है।
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