एनएच-31 पर दिन में लाइट जलाकर अपने गंतव्य को जाते वाहन।
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बलिया। कोहरे के बढ़ते प्रकोप ने सड़कों पर दौड़ने वाले वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। जिले में बुधवार की भोर कोहरे की घनी चादर से लिपटी रही। घने कोहरे का प्रभाव सड़क के साथ ही रेलवे यातायात पर भी पड़ा है। कोहरे के कारण जहां रोडवेज बसों की रफ्तार धीमी रही। वहीं, ट्रेनों के संचालन भी विलंबित रहा। इससे आवागमन करने में यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। सुबह से छाए घने कोहरे के कारण लोगों को दिन में वाहनों की लाइट जलाकर चलना पड़ा। वाहनों की धीमी रफ्तार के कारण यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में एक से दो घंटे तक की देरी हुई।
पहाड़ों में बर्फबारी ने ठंड बढ़ा दी साथ ही कोहरा और गलन बढ़ गई। न्यूनतम और अधिकतम तापमान में भी मामूली गिरावट दर्ज की गई। मौसम जानकारों के मुताबिक दो-तीन दिन में ठंड और बढ़ेगी। कृषि वैज्ञानिकों के मुताबिक पाला से गेहूं की फसल को फायदा होगा। दिसंबर माह का दूसरा पखवाड़ा शुरू गया। अब मौसम में बदलाव आया है। बुधवार की शुरुआत घने कोहरे से हुई। सुबह 12 बजे तक कोहरा छाया रहा। तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। जिससे ठंड भी बढ़ने लगी है।
न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दोपहर को धूप खिलने के बाद भी यह बेअसर रही। ठंड और गलन बरकरार रही। शाम छह बजे से करीब पाचं किलोमीटर रफ्तार से शीतलहर चलने लगी। इससे ठंड और बढ़ गई तथा लोग ठिठुरते रहे। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पाला गिरने से किसानों की फसल को नुकसान नहीं होगा, बल्कि गेहूं फसल को फायदा होगा। खेत में नमी रहेगी।