सिकंदरपुर। नगर पंचायत के मिल्की मोहल्ले में शुक्रवार को जल निकासी और सड़क के लिए राजस्व टीम जैसे ही पैमाइश के लिए पहुंची दो पक्ष जमीन को लेकर आपस में भिड़ गए। देखते ही देखते लाठी-डंडे, ईंट-पत्थर चलने लगे। मौके पर भगदड़ मच गई। विवाद में छह लोग घायल हो गए।
नगर पंचायत के अधिशाषी अधिकारी ने 20 जून को उपजिलाधिकारी सिकंदरपुर को प्रार्थना पत्र दिया था। इसमें कहा था कि मौजा चकमुबारक, तरसड़ा (गरबोड़ा) में टाउन एरिया का पानी वर्षों से गिरता है। यह जल संचयन एवं पानी निकास के लिए एकमात्र गड़ही है। उसी के भूभाग से होकर टाउन एरिया का रास्ता है। इसका सीमांकन कराकर नगर पंचायत के भूखंड से नाली निकास एवं रास्ते के लिए पैमाइश कराई जाए।
उपजिलाधिकारी ने 24 जून को राजस्व टीम गठित की थी। राजस्व टीम शुक्रवार को मौके पर पहुंची। अभी स्थलीय व अभिलेखीय निरीक्षण कर ही रही थी कि एक पक्ष के साबिर खान के परिजन आफताब अंसारी के दरवाजे पर लाठी-डंडा लेकर पहुंच गए। आफताब अंसारी के परिजनों पर जानलेवा हमला कर दिया। इसमें आफताब अहमद (70), गुलाम रसूल (40), मो. शरीफ (31), फैयाज अहमद (45), सलाउद्दीन (40) गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिकंदरपुर पहुंचाया गया। चिकित्सकों ने हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया।
सूचना पर मिलते ही भारी संख्या में पुलिस मौके पर पहुंची। लेकिन सभी आरोपी भाग गए थे। पीड़ित पक्ष के अफताब अहमद ने सगीर अहमद, सद्दाम अहमद, सलीम, सकुरुद्दीन, नसरूद्दीन के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी। इस संबंध में उपजिलाधिकारी रवि कुमार ने बताया कि ईओ ने नगर में जल निकासी व सार्वजनिक रास्ते की पैमाइश के लिए प्रार्थना पत्र दिया था। इसके लिए राजस्व टीम गठित की गई थी। राजस्व टीम मौके पर जाकर पैमाइश करने ही वाली थी तभी दो पक्षों ने मारपीट कर ली। इसके बाद राजस्व टीम मौके से वापस आ गई। मामले को संज्ञान में लेकर उचित कार्रवाई की जा रही है। प्रभारी निरीक्षक चंद्र प्रकाश कश्यप ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। छह से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना पर मिलते ही भारी संख्या में पुलिस बल पहुंच गया। थाना प्रभारी दिनेश पाठक ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।