बलिया। जिला महिला अस्पताल मेें इलेक्ट्रोलाइट जांच की सुविधा जल्द उपलब्ध होगी। इसके लिए सीरम इलेक्ट्रोलाइट मशीन लगाई जाएगी। इससे नवजात के इलाज में आसानी होगी।
इलेक्ट्रोलाइट सोडियम, पोटेशियम, क्लोराइड और बाइकार्बोनेट आदि तत्वों को कहा जाता है। इलेक्ट्रोलाइट असंतुलित होने पर मरीजों की हालत बिगड़ने लगती है। इलेक्ट्रोलाइट्स की जांच रक्त परीक्षण से की जा सकती है। चिकित्सकों का कहना है कि नवजात व कम उम्र के वह बच्चे जो बोलने लायक नहीं होते उनके बीमार होने पर इलेक्ट्रालाइट जांच जरूरी होती है। इससे उनकी कई बीमारियों का आसानी का पता लगाया जा सकता है। इसके अलावा महिलाओं के इलाज में भी यह जांच कारगर साबित होगी चिकित्सकों के अनुसार इस जांच कराने की सलाह तब भी दी जा जाती है जब किसी को डायरिया, उल्टी, मधुमेह और हृदय रोग हो। इनकी कमी से नसें खराब होने लगी है। मांसपेशियों में भी समस्या आ जाती है। जिला महिला अस्पताल की चिकित्साधीक्षक सुमिता सिन्हा ने बताया कि सीरम इलेक्ट्रोलाइट जांच कराने से बच्चों के स्वास्थ्य के बारे में जाना जा सकता है। मशीन अगल महीने तक लग जाएगी।