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Ballia News: नौ माह बाद भी चितबड़ागांव से नहीं जुड़ सका बसंतपुर उपकेंद्र

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बलिया। एक ओर गर्मी के बीच बिजली की कटौती जारी है। वहीं दूसरी ओर विद्युत विभाग की लापरवाही से कार्य पूरा नहीं होने के कारण आपूर्ति बाधित हो रही है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि नौ माह बीत जाने के बाद भी विद्युत उपकेंद्र बसंतपुर को चितबड़ागांव स्थित पावर स्टेशन से जोड़ने का काम पूरा नहीं हो सका है।
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इसके चलते बसंतपुर उपकेंद्र से जुड़े 45 गांवों की आपूर्ति आए दिन बाधित होती है। गड़हांचल के सोहांव ब्लॉक में स्थित विद्युत उपकेंद्र बसंतपुर व कोटवा नारायनपुर से कुल 75 गांवों को आपूर्ति होती है। कोटवां नारायनपुर विद्युत उपकेंद्र पर पंप नहर फीडर भी है, जिससे कोरंटाडीह गंगा पंप नहर को बिजली की आपूर्ति होती है। इन दोनों विद्युत उपकेंद्रों को गाजीपुर स्थित कुंडेसर पावर हाउस से 33/11 विद्युत आपूर्ति होती है।
बताया जाता है कि कोटवां नारायनपुर से कुंडेसर की दूरी करीब 15 किमी है तो बसंतपुर से इसकी दूरी 22 किमी है। कुंडेसर से कोटवां नारायनपुर होते बसंतपुर तक की लाइन करीब चार दशक पुराना है। अब यह एचटी तार काफी जर्जर हो चुके हैं जो आपूर्ति शुरु होते ही अक्सर टूट जाते हैं और आए दिन फॉल्ट भी होते हैं। इसके चलते आए दिन दोनों विद्युत उपकेंद्रों की आपूर्ति बाधित होती है। इस समस्या को दूर के लिए नौ माह पहले बसंतपुर स्थित 33/11 विद्युत उपकेंद्र को चितबड़ागांव स्थित 132 केवीए विद्युत उपकेंद्र से जोड़ने का कार्य शुरु किया गया।
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चितबड़ागांव से बसंतपुर के बीच एनएच 31 के किनारे नई लाइन के लिए पोल खड़े करने के बाद तार लगाने का कार्य चल रहा है लेकिन यह कार्य काफी सुस्त है। बताया जाता है कि कई दिनों तक कार्य नहीं होता है और यही कारण है कि नौ माह बाद भी यह लाइन पूरी तरह तैयार नहीं हो सकी है। इसका दंश बसंतपुर विद्युत उपकेंद्र से जुड़े 45 गांवों को झेलना पड़ रहा है। आए दिन इस उपकेंद्र से आपूर्ति ठप हो जाती है।

लोड कम होने से सुधरेगी दोनों विद्युत उपकेंद्र की आपूर्ति, लाइन लॉस भी होगा कम कुंडेसर पावर हाउस से कोटवां नारायनपुर व बसंतपुर की एचटी लाइन खेतों से होकर गुजरी है। खासकर बरसात व बाढ़ आने पर एचटी लाइन में खराबी आने पर दुरुस्त करना संभव नहीं हो पाता है। कई दिनों तक आपूर्ति बाधित हो जाया करती है। बसंतपुर उपकेंद्र के चितबड़ागांव से जुड़ जाने पर नई लाइन होने के कारण निर्बाध आपूर्ति मिलेगी। वहीं, दूरी कम होने के कारण लाइन लॉस भी कम होगा। इसके अलावा, एक विद्युत उपकेंद्र का भार कम होने से एचटी लाइन पर लोड कम हो जाएगा। इससे दोनों उपकेंद्रों की आपूर्ति में सुधार होगा।

बसंतपुर विद्युत उपकेंद्र को चितबड़गांव पावर स्टेशन से जोड़ने का काम चल रहा है। कार्यदायी संस्था को कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया गया है। जल्द ही लाइन तैयार करने का कार्य पूरा होगा। - एके अग्रवाल, अधिशासी अभियंता, विद्युत, बलिया
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