बलिया। नगरपालिका परिषद में हुए भ्रष्टाचार की परतें एक के बाद एक खुल रही हैं। नियमों की अनदेखी कर कर्मचारियों को प्रोन्नत करने के मामले में पहले ही मुख्य राजस्व अधिकारी अनिल अग्निहोत्री ने जांच का आदेश दे रखा है। अब नपा अध्यक्ष पर नियमों को दरकिनार कर कर्मचारियों की नियुक्ति करने और चार लाख रुपये लेकर वेतन आहरण करने तथा ददरी मेला समेत कई महत्वपूर्ण पटल देने का नया मामला सामने आया है।
इस संबंध में मिली शिकायत पर आजमगढ़ मंडल के कमिश्नर मनीष चौहान ने जिलाधिकारी सौम्या अग्रवाल को मामले की जांच कराकर 15 दिन के अंदर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। कमिश्नर के आदेश के बाद नगर पालिका में हड़कंप मचा है।
नगर पालिका बलिया की सभासद ने बीते 10 नवंबर को मंडलायुक्त को शिकायती पत्र देकर अभिनव कुमार को लिपिक संवर्ग के पद पर शासनादेश के विरुद्ध नियुक्ति करने की शिकायत की थी। आरोप लगाया था कि अभिनव कुमार का मृतक आश्रित कोटे में बिना पद रिक्त हुए और शासनादेश को दरकिनार कर प्रधान सहायक तथा नपा अध्यक्ष अजय कुमार की मिलीभगत से 03 जनवरी 2019 को लिपिक का एक पद रिक्त दिखाकर बिना नियुक्ति पत्र जारी किए कर दी गई। जबकि उस समय नपा में कोई भी लिपिक का पद खाली नहीं था। इसके साथ ही अध्यक्ष की ओर से अभिनव कुमार का लिपिक के पद का वेतन भी आहरण कर दिया गया। जैसे ही उपरोक्त प्रकरण चर्चा में आया तो अध्यक्ष द्वारा लगभग दो वर्षों से अभिनव कुमार का वेतन रोक दिया गया। इसके खिलाफ अभिनव कुमार ने लोकायुक्त के यहां शिकायत करते हुए वेतन भुगतान के लिए चेयरमैन पर चार लाख रुपये मांगने का आरोप लगाते हुए लिखित शिकायत की थी।
इस मामले में अगली सुनवाई आठ दिसंबर को होनी है। सभासद ने अपने पत्र में कमिश्नर से शिकायत की थी कि चेयरमैन की ओर से चार लाख लेकर अभिनव कुमार को बहाल करते हुए ददरी मेला समेत कई महत्वपूर्ण पटल दे दी गई है।