बलिया। वर्ष 2018-19 में धान खरीद में हुई धांधली व कूटरचना कर किसानों से खरीद करने व धनराशि का दुरुपयोग करने के मामले में एक मिल के प्रबंधक निदेशक व सहकारी समिति के सचिव के खिलाफ धोखाधड़ी व कूटरचना करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। जांच के बाद डीएम के निर्देश पर क्षेत्रीय विपणन अधिकारी नगरा शीतला प्रसाद सरोज की तहरीर पर नगरा पुलिस ने मुकदमा कायम किया है। बताया जाता है कि वर्ष 2018-19 में धान खरीद के दौरान मे. कृषक उपभोक्ता बहुउद्देशीय सहकारी समिति नगरा के प्रस्ताव पर डीएम 18 क्रय केंद्र खोलने की अनुमति दी थी। यह सभी क्रय केंद्र नगर व सीयर क्षेत्र में ही संचालित किए गए। इन केंद्रों पर खरीदे गए धान की कुटाई के लिए मे. श्रेयस सार्टेक्स इ्प्रालि मलप हरसेनपुर नगरा को संबद्घ किया गया था। धान खरीद के बाद चावल जमा करने आदि को लेकर डीएम ने 27 मार्च को एसडीएम रसड़ा अध्यक्षता में जांच टीम गठित की और सहकारी समिति के खरीद व मिल की ओर से कुटाई कर चावल आपूर्ति की जांच कर रिपोर्ट मांगी। जांच में सामने आया कि समिति की ओर से खरीदे गए कुल धान 1090232.67 क्विंटल धान को चावल मिल को भेजा गया है जबकि मिल संचालक की ओर से स्पष्टीकरण में 690339 क्विंटल धान समिति से प्राप्त बताया गया है। जांच के दौरान समिति ने 399897.67 क्विंटल धान खरीद की कोई स्थिति स्पष्ट नहीं की गई। जांच में यह भी सामने आया कि समिति ने वास्तविक किसानों के बजाए कूट रचना आधारित दस्तावेजों पर खरीद की गई है। इतना ही नहीं खरीद के सापेक्ष थोक में भुगतान किया गया है और कई भुगतान मिल के नाम से भी किया गया जो समिति व मिल संचालक की दूरभि संधि को दर्शाता है। एसडीएम की जांच रिपोर्ट पर डीएम ने संबंधित के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने का आदेश दिया। क्षेत्रीय विपणन अधिकारी की तहरीर पर नगरा पुलिस ने मे. श्रेयस सार्टेक्स इ्प्रालि मलप हरसेनपुर नगरा के प्रबंध निदेशक विनय कुमार सिंह व मे. कृषक उपभोक्ता बहुउद्देशीय सहकारी समिति नगरा के सचिव अजय कुमार सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया।