ऐतिहासिक महावीरी झंडा जुलूस बुधवार को परंपरा के अनुरूप धूमधाम से निकला। ऊंट, घोड़े व गाजे बाजे के साथ निकले इस जुलूस में नौ अखाड़े शामिल थे। युवाओं के शौर्य कला प्रदर्शन को देखने के लिए नगर की सड़कों पर जनसैलाब उमड़ पड़ा था। वहीं, सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चप्पे-चप्पे पर जवान लगाए गए थे।
एएसपी दुर्गा प्रसाद तिवारी शहर में चक्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था की कमान खुद संभाली। चप्पे-चप्पे पर पुलिस जवान तैनात रहे। बड़े वाहनों के शहर में आने पर प्रतिबंध रहा।
शाम साढ़े छह बजे नगर कमेटी का पहला जुलूस निकाला। नगर में निकलने वाले ऐतिहासिक महावीरी झंडा जुलूस का इतिहास सौ साल से भी अधिक पुराना है। जुलूस में नगर कमेटी, मिड्ढी कमेटी, जगदीशपुर कमेटी, टाउनहाल, बनकटा कमेटी, सिनेमा रोड कमेटी, बालेश्वर घाट कमेटी, लोहापट्टी कमेटी, गुदरी बाजार कमेटी व चमन सिंह बाग रोड कमेटी के अखाड़े निकलते हैं।
नगर कमेटी का जुलूस सबसे पहले उठा, हनुमानगढ़ी मंदिर पर झंडा का पूजन-अर्चन करने के बाद बालेश्वर मंदिर, जापलिनगंज होते हुए बलिया-बैरिया मुख्य मार्ग पर आया। यहीं पर मिड्ढी कमेटी का जुलूस इसमें समाहित हो गया। यहां से जुलूस रेलवे स्टेशन, शहीद चौक पार्क, लोहापट्टी, चमन सिंह बाग रोड, कासिम बाजार चौराहा होते हुए साढ़े छह बजे विष्णु धर्मशाला विशुनीपुर चौराहे पर स्थित मस्जिद पर पहुंचा।
इसी बीच अन्य अखाड़ों का जुलूस रेलवे स्टेशन के सामने आकर एक दूसरे के पीछे हो गया। विशुनीपुर चौराहे पर पहुंचते ही वीर हनुमान के नारे से पूरा शहर गूंज उठा। इस दौरान सभी चौराहे पर अखाड़ों में शामिल युवाओं ने लाठी-डंडे, राड आदि से अद्भुत करतब दिखाए।
जुलूस में एक से बढ़कर एक झांकियां अपनी अनुपम छंटा बिखेर रही थीं। प्रशासन ने इस बार हथियार पर पूरी तरह प्रतिबंध रहा। इससे खिलाड़ी मायूस रहे। जुलूस के दौरान नगर पालिका चेयरमैन संत कुमार मिठाई, परिवहन मंत्री के प्रतिनिधि धर्मेन्द्र सिंह, व्यापारी नेता मंजय सिंह, सुनील परख, राजेश गुप्ता, अनूप चौबे, हरेराम राय, बंटू सिंह, संजय पाण्डेय ने आगवानी की।
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झंडा आगे ले जाने को लेकर होती रही तकझक
नगर कमेटी व मिड्ढी कमेटी के बीच जुलूस को आगे लेकर चलने को लेकर इस बार भी होड़ लगी रही। कई बार तकझक भी हुई। पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। हनुमानगढ़ी से सबसे पहले नगर कमेटी का जुलूस चलता है। मिड्ढी के अखाड़ा में शामिल युवक झंडा लेकर आगे निकलने का प्रयास किया, लेकिन सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों ने दबोच लिया। विशुनीपुर मस्जिद चौराहा पर दोनों कमेटियों में आगे जाने के लिए तकझक होती रही।
मोदी-योगी की झांकी ने मन मोहा
ऐतिहासिक महावीरी झंडा जुलूस शौर्य और पराक्रम को दर्शाता है। वहीं कमेटी द्वारा समाज को जागरूक करने के लिए झांकियां भी शामिल होती है। गुदरी बाजार कमेटी द्वारा मोदी-योगी की जोड़ी की झांकी लोगों को खूब भाई, हर कोई उसे मोबाइल में कैद किया। जगदीशपुर कमेटी की ओर से वाराणसी कलाकारों द्वारा भगवान की भेष भूषा में मंचन किया गया, युवाओं की टीम हाथों में तिरंगा लिए देशभक्ति का जज्बा बढ़ाते रहे।
यात्रियों को उठानी पड़ी फजीहत
महावीरी झंडा जुलूस के मद्देनजर नगर में वाहनों के प्रवेश पर प्रशासन द्वारा पूरी तरह रोक लगाया गया था। आने जाने वाले राहगीरों को काफी फजीहत उठानी पड़ी। नगर के तीन प्रमुख मार्ग बहादुरपुर, कदम चौराहा व माल्देपुर मोड़ व गड़वार रोड़ सनबीम स्कूल के पास के पास वाहनों के प्रवेश पर दोपहर बाद से ही रोक लगा दी गई थी। पुलिस ने जुलूस को देखते हुए एहतियात के तौर पर बड़े-छोटे सभी तरह के वाहनों पर रोक लगा दिया था। नतीजा लोगों को वाहन स्टैंड तक जाने के लिए पैदल ही दूरी नापनी पड़ी। सबसे ज्यादा परेशानी ट्रेन पकड़ने वालों को हुई।
जुलूस में कई जिलों के डीजे रहे शामिल
महावीरी झंडा जुलूस में प्रशासन के नियमों को ताक पर रख कमेटी वाले तेज आवाज में डीजे बजाया। अपनी धमक बनाने के लिए आजमगढ़, जौनपुर, मऊ सहित कई जिले के टॉप डीजे वाले आए थे। डीजे की धमक से लोग कान बंद करने को मजबूर हो जा रहे थे। प्रशासन सबकुछ देखने के बावजूद चुप्पी साधे रहा।