दया छपरा। गंगा की उतरती लहरों का कहर नौरंगा भुवाल छपरा गांव के पास थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार की पूरी रात गंगा का कटान जारी रहा और रातभर में उतरती लहरों ने कटिया मुनि के आश्रम से पश्चिम करीब सौ बीघे कृषि योग्य जमीन को काट कर पेट में समाहित कर लिया। बताया जाता है कि गंगा का कटान जलस्तर बढ़ने व घटने दोनों का समय होता है लेकिन इन दिनों गंगा का जलस्तर लगातार घटाव पर है और उतरती लहरों का कहर भी बदस्तूर जारी है। नौरंगा भुवाल छपरा निवासी रामाकान्त ठाकुर किसी कार्य के लिए बैरिया गए थे और शाम को ज्योंही नाव से उतर कर बस्ती के समीप पहुंचे तो कटान देख कर दंग रह गए। कटान की सूचना जैसे ही ग्राम सभा में पहुंची सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण कटान स्थल पर पहुंच गए। ग्रामीणों का कहना है कि गंगा की धारा ग्राम सभा को दो तरफ से रह- रह कर काट रही है। अब तक कटान कटिया मुनि की यज्ञशाला से पूरब दिशा में बस्ती की ओर था, लेकिन अब यज्ञशाला से पश्चिम दिशा में कटान होने से ग्रामीणों को सकते में डाल दिया है। ग्रामीण रमाकान्त ठाकुर, सन्तोष ठाकुर, बृज ठाकुर, ललन यादव आदि का कहना है कि अक्तूबर के अंत में कटान समझ से परे है। यह पहली बार हुआ है कि अक्तूबर के अंत में कटान हो रहा है। उधर, लगातार हो रहे कटान के बावजूद अब तक प्रशासन या बाढ़ विभाग का कोई अधिकारी कभी भी नहीं पहुंचे। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ के समय एक बार जिलाधिकारी व विधायक आए इसके बाद आज तक कोई झांकने तक नहीं आया।