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बागी बलिया ने दी शहीदों को श्रद्धांजलि

Sun, 09 Aug 2015 10:14 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, बलिया
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  चौक से निकलकर जुलूस पं. जगदीश ओझा, उमाशंकर, चित्तू पांडेय के अलावा अन्य शहीदों एवं सेनानियों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर नमन किया। इस अवसर पर विवेकानंद सिंह ने बताया कि आठ और नौ अगस्त 1942 में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के मुंबई अधिवेशन में महात्मा गांधी ने भारत छोड़ों तथा करो या मरो के नारे के साथ भारत छोड़ो आंदोलन की घोषणा की थी। नौ अगस्त को सूर्योदय होने से पूर्व महात्मा गांधी के अलावा देश के भर के वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं को हिरासत में ले लिया गया तथा क्रिमिनल लॉ एमेंडमेंट एक्ट 1908 के तहत कांग्रेस को एक प्रतिबंधित संगठन घोषित कर दिया गया। इधर ग्वालिया टैंक, मुंबई के मैदान में अरुण आसफ अली द्वारा भारतीय ध्वज फहराया गया। इसके बाद पूरे देश में आंदोलन भड़क उठा। 10 अगस्त 1942 की सुबह उमाशंकर, श्रीकांत पांडेय, सूरज प्रसाद, रामनाथ प्रसाद, बिहारी पटहेरा ने ओक्डेनगंज पुलिस चौकी के पूरब चौराहे पर अंग्रेजों भारत छोड़ों का नारा लगाते हुए नगर के दूकानदारें से हड़ताल में सहयोग करने की अपील की। इस दौरान व्यापारियों के साथ ही विद्यार्थी भी काफी संख्या में सड़कों पर उतर आए। सिंह ने कहा कि 73वीं वर्षगांठ पर शहीदों एवं सेनानियों को स्मरण करना ही सच्ची श्रद्धांजलि होगी। इस मौके पर डा. भोला प्रसाद आग्रेय, छितेश्वर वर्मा, जन्मेजय प्रजापति, अरुण कुमार, नितेश शर्मा, छठ्ठू लाल शर्मा, तेज नारायण ठाकुर आदि मौजूद रहे।
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