खरीफ की तरह ही रबी फसलों की कटाई के बाद उसके अवशेष जलाने पर आर्थिक दंड का प्रावधान किया गया है। कृषि व राजस्व विभाग की संयुक्त इस पर नजर रखेगी। उधर, सरकार की ओर से सैटेलाइट से भी निगरानी शुरू कर दी गई है।
जिले में रबी की मुख्य फसल गेहूं की कटाई व मड़ाई जोरों पर है। कई किसान गेहूं की कटाई हार्वेस्टर से कराते हैं और स्ट्रारीपर के माध्यम से फसल अवशेषों से भूसा बनाते हैं। लेकिन कभी कभार फसल अवशेष जलाने की भी घटना होती है। इसको देखते हुए रबी के दौरान फसल जलाने को लेकर भी एनजीटी की ओर से प्रतिबंध लगाया गया है। सरकार की ओर से फसल अवशेष जलाने की घटना की मॉनीटरिंग सेटेलाइट से भी शुरु कर दी गई है। इससे मिले आंकड़ों को संबंधित जिले को उपलब्ध कराया जाता है और इसके आधार पर विभाग की ओर से कार्रवाई की जाती है। उप कृषि निदेशक की ओर से इस बाबत किसानों को जागरुक भी किया जा रहा है।
एनजीटी की ओर से निर्धारित जुर्माना
- दो एकड़ तक के किसानों को 2500 रुपये प्रति घटना।
- दो से पांच एकड़ तक के किसानों को 5000 रुपये प्रति घटना।
- पांच एकड़ से अधिक भूमि पर 15000 रुपये प्रति घटना।
- अपराध की पुनरावृत्ति करने पर कारावास, अर्थदंड एवं विभाग द्वारा दी जाने वाली सुविधाओं आदि से वंचित करना।
फसल अवशेषों को जलाने पर एनजीटी की ओर से प्रतिबंध लगाया गया है। सरकार की ओर से सेटेलाइट के माध्यम से निगरानी की जा रही है। किसान फसल अवशेषों को जलाने के बदले उससे कंपोस्ट बना सकते हैं।
- मनीष कुमार सिंह, उप कृषि निदेशक, बलिया।