बलिया। बारिश के मौसम विभिन्न वैक्टीरिया और वायरस सक्रिय हो जाते हैं। जो धूल के कणों के साथ लोगों की आंखों में पहुंचकर एलर्जी की समस्या पैदा कर रहे हैं। आंखों में एलर्जी की समस्या को लेकर पिछले कई दिनों से जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ गई हैं। प्रतिदिन 100 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं, मंगलवार को 124 मरीज इलाज कराने पहुंचे, वह आंखों में एलर्जी होने की समस्या बता परामर्श लिया।
बारिश में आंख में गंदा पानी और धूल-मिट्टी जाने से कॉर्निया का इंफेक्शनका खतरा बढ़ जाता है। यह इंफेक्शन कंजंक्टिवाइटिस से कहीं ज्यादा खतरनाक होता है। जिला अस्पताल के नेत्र सर्जन डॉ बीपी सिंह ने बताया कि इस इंफेक्शन से बचने के लिए लोगों को आंखों को गंदे पानी और धूल-मिट्टी से बचाने की कोशिश करनी चाहिए। साथ ही अपने हाथों को साफ रखें और आंखों को बार-बार न छुएं, घर में एक सदस्य को होने पर लापरवाही बरतने पर सभी को हो सकता है। आई सर्जन डॉ रिखिलाल गुप्ता ने बताया कि इस मौसम में अगर किसी को आंखों में रेडनेस, जलन, चुभन या किसी तरह का डिस्चार्ज होने लगे, तो यह कंजंक्टिवाइटिस के लक्षण हैं। खुद इलाज करने की जगह डॉक्टर से मिलकर जांच करानी चाहिए।
बारिश में इन बातों का रखें ख्याल
आंखों को गंदे हाथों से न छुएं। आस-पास किसी को आई फ्लू की आशंका लगे तो आंखों को साफ पानी से धोएं और ठंडे पानी से सिकाई करें। अगर किसी को घर में आई फ्लू की दवा डालते हैं तो उसके बाद अपने हाथों को साबुन से धोएं। आंखों में लाली, जलन व खुजली होने पर चिकित्सक की सलाह लें, खुद से दवा न डालें। दूसरे की तौलिये का इस्तेमाल न करे। अगर कॉन्टैक्ट लेंस लगाते हैं तो संक्रमण के दौरान इन्हें न लगाएं और अपने चिकित्सक से सलाह लें। बरसात में बच्चों को पानी से भरे गड्ढों व पोखरों से दूर रखें, क्योंकि अधिकतर इन्हीं स्थानों से बैक्टीरिया पनपते हैं। ताजा खाना खाएं और साफ पानी ही पिएं। बाहर से घर आने पर हमेशा हाथ साबुन से धोएं।