गरीबों को समुचित इलाज की निशुल्क व्यवस्था के लिए भारत सरकार के महत्वाकांक्षी योजना आयुष्मान भारत क्षेत्र में धरातल पर नहीं उतर पा रहा है। संबंधित विभाग के अधिकारियों की लापरवाही कहें या उदासीनता जनपद के एक दर्जन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के साथ-साथ जिला अस्पताल, महिला जिला अस्पताल इस सुविधा से आच्छादित हैं। लेकिन सदर अस्पताल छोड़कर किसी भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर एक भी रोगी का इलाज आयुष्मान कार्ड से नहीं हुआ है। इसको लेकर तरह-तरह की चर्चा है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोनबरसा, सोनवानी, सिकंदरपुर, खेजुरी, नरही, रसड़ा, सीयर, दुबहड़, बांसडीह व रेवती के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर आयुष्मान कार्ड से पांच लाख तक के निशुल्क इलाज की व्यवस्था है। लेकिन कहीं भी एक भी रोगी का इलाज इस कार्ड से नहीं हुआ है। कार्डधारकों का आरोप है कि चिकित्सक अपने निजी लाभ के लिए इस कार्ड का उपयोग नहीं करने दे हैं। सीएचसी सोनबरसा की बात करें तो यहां आयुष्मान भारत के नोडल अधिकारी रोजाना हाइड्रोसील व हार्निया आदि का ऑपरेशन तो करते हैं लेकिन एक भी रोगी का हाइड्रोसील या अन्य ऑपरेशन व इलाज आयुष्मान कार्ड से नहीं करते हैं। जिससे सरकार के इस ड्रीम प्रोजेक्ट का लाभ गरीबों को नहीं मिल पा रहा है। इस संबंध में जनपद के आयुष्मान भारत के नोडल अधिकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोनबरसा पर तैनात वरिष्ठ चिकित्साधिकारी डॉ. विजय कुमार यादव ने बताया अभी किसी सीएचसी पर एक भी रोगी का इलाज नहीं हुआ है। जल्द यह योजना सीएचसी पर शुरू की जाएगी। कहा कि जिला अस्पताल में इलाज हो रहा है।