बलिया। कोरोना काल में जिले के युवा कवि विकास बरनवाल ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी कविता, गजल के जरिये लोगों को बचाव के प्रति जागरूक कर रहे हैं बल्कि कुछ कर गुजरने का जज्बा भी पैदा कर रहे हैं। वे पोएटिक आत्मा, दिल्ली पोएट्री क्लब, वर्ल्ड पोएट्री ऑर्गनाईजेशन, पुरवईया पोएट्री, कला नेशन इंडिया आदि से जुड़े हैं। अमर उजाला से बातचीत में विकास ने बताया कि उन्होंने लॉकडाउन में पोएटिक आत्मा के ग्लोबल लिटरेचर ई-फेस्टिवल में देश विदेश के कलाकारों के साथ बांसुरी वादन किया, जिसे काफी सराहना मिली। विकास आत्मा एनजीओ के ब्रांड एंबेसडर भी हैं। सोशल वर्क में परास्नातक विकास एक मल्टीनेशनल कंपनी में मानव संसाधन विश्लेषण एवं सीएसआर (सोशल वर्क) के लिए कार्यरत हैं। कवि सम्मेलन और मुशायरे में इनकी रचनाएं काफी पसंद की जाती हैं। उनकी प्रेरक कविता.. लोग अपनी छोटी सोच से गरीब होते हैं, हमारे ऊंचे थे ख्वाब निखर गए साहब.. काफी सराही गई है। विकास बरनवाल अमर उजाला फेसबुक पर शनिवार को साढ़े 12 बजे लाइव होंगे।