रामगढ़ क्षेत्र के पचरूखिया मौजा में चल रहा ड्रोजिंग का कार्य।
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रामगढ़। बैरिया व सदर तहसील क्षेत्र के अनेक गांवों को कटान से अबतक निजात नहीं मिल पाई है। साल दर साल कटान के नाम पर भारी-भरकम रकम आती रही, बावजूद इसके कटान रोकने को लेकर सार्थक परिणाम आज तक नहीं आया। इस बार भी विलंब से शुरू हुए ड्रेजिंग कार्य में अब लीपापोती का खेल प्रारंभ हो चुका है। ड्रेजिंग खोदाई की लंबाई और गहराई में खेल किया जा रहा है लेकिन इसकी पड़ताल करने वाला कोई नहीं है। ड्रेजिंग से निकली मिट्टी जहां तहां टीले के रुप पड़ी है। अगर इस मिट्टी का निस्तारण समय रहते नहीं किया गया तो बढ़ते जलस्तर के साथ मिट्टी बहकर पुन: नदी में ही जम जाएगी। ग्रामीणों का कहना है कि इस मिट्टी के संदर्भ में बैराज खंड अधिकारी वाराणसी से कई बार आशंका जता चुके हैं अधिकारी इसे अनसुना करते रहे हैं। आलम यह है कि हल्की बारिश में ही मिट्टी बहना शुरू हो जाती है। यदि यही हालात रहे तो 30 करोड़ से हो रहा यह कटानरोधी कार्य भी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाएगा। इस बाबत बैराज खण्ड के अवर अभियंता जितेंद्र भारती ने कहा कि मिट्टी हटाने का प्रबंध किया जा रहा है जिसे हम गंगा का जलस्तर बढ़ने से पूर्व ही कर लेंगे।