चिलकहर। विकास खंड चिलकहर के विभिन्न गांव में इन दिनों गर्भवती महिलाओं को मिलने वाला पुष्टाहार पशुओं का आहार बनकर रह गया है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के द्वारा 300 से 400 रुपये प्रति बोरी की दर से यह पशुपालकों को खुलेआम बेचा जा रहा है। आलम यह है कि कभी-कभी तो सीडीपीओ कार्यालय से ही सुपरवाइजर की मिलीभगत से पुष्टाहार की बोरी बेच दी जाती है। लोगों का मानना है कि विभागीय लापरवाही की वजह से गरीब और असहाय लोगों को मिलने वाला पुष्टाहार इन दिनों पशुओं का आहार बनकर रह गया है। इस बाबत गड़वार ब्लॉक के सीडीपीओ सुरेंद्र यादव ने बताया कि इस संबंध में मुझे कोई जानकारी नहीं है। यदि गांव के आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा ऐसा किया जाता है तो तत्काल रूप से उनके खिलाफ जांच कर कार्रवाई की जाएगी। संवाद