पंदह। क्षेत्र के प्रानपुर इंटर कालेज के 10वीं और 12वीं के दर्जनों छात्रों के अभिभावकों ने बृहस्पतिवार को विद्यालय पर जमकर बवाल काटा। आरोप था कि वर्तमान प्रबंधक के निर्देश पर प्रधानाचार्य ने 87 बच्चों का ट्रेजरी चालान का 43 हजार 600 रुपए जमा नहीं किया। उसकी अंतिम तिथि 16 अगस्त को समाप्त हो चुकी है। अभिभावकों ने प्रबंध तंत्र पर सुनियोजित तरीके से बच्चों का भविष्य खराब करने का आरोप मढ़ा।
विद्यालय के एक शिक्षक ने बताया की बीते नौ अगस्त को 87 बच्चों का चालान फीस प्रधानाचार्य राज कुमार गौरव को जमा कर दिया गया था। बावजूद उन्होंने प्रबंधक के दबाव में इन बच्चों का चालान जमा नहीं किया। इसकी वजह से ये बच्चे बोर्ड परीक्षा में शामिल होने से वंचित हो सकते हैंं। उधर कुछ अभिभावकों ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के अंक पत्र के नाम पर 500 रुपए की वसूली करने का भी आरोप लगाया। विद्यालय के शिक्षकों ने इस बात की जानकारी प्रबंधक डॉ. चंद्रशेखर उपाध्याय को दी।
मौके पर पहुंचे चंद्रशेखर उपाध्याय में अभिभावकों से बात कर बताया कि जिन बच्चों का नामांकन विद्यालय में नहीं है उन्हीं का चालान रोका गया है। जब तक ये अपनी नामांकन फीस जमा नहीं करते तब तक चालान नहीं कराया जा सकता। पूर्व के कुछ शिक्षकों के बहकावे में आकर बच्चे भ्रमित हो गए हैं। जिन बच्चों का चालान जमा करने की बात की जा रही है। वस्तुतः ये बच्चे किसी अन्य विद्यालय के हैं। जिनका चालान कराने का दबाव बनाया जा रहा है। बोर्ड ने चालान की तिथि एक बार फिर बढ़ा दी है। यदि ये अपना नामांकन कराते हैं तो चालान अवश्य जमा करा दिया जाएगा।
अभिभावक प्रेमचंद्र, गोरख प्रसाद, मिथिलेश सिंह, गुलाब चंद्र चौहान, पारस चौहान, राधेश्याम वर्मा सहित कक्षा दसवीं की छात्राएं आंचल, नीतू यादव, रीना, ज्योति, साधना, शिल्पी और बारहवीं के छात्र राम शरण, शिव शरण, ध्रुव कुमार, प्रिंस सिंह, नेहा और रूबी ने नियमित कक्षाएं न चलने को लेकर नाराजगी जाहिर की और प्रबंधक से शिक्षकों की व्यवस्था करने की मांग की। सूचना पर पहुंचे डायल 112 के सिपाहियों दोनों पक्ष से थाने आने को कहा लेकिन एक पक्ष थाने नहीं पहुंचा।