फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ballia News: छह वर्ष बाद ट्रामा सेंटर के शुरू होने की जगी आस, करोड़ों की मशीन फांक रही थी धूल

विज्ञापन
विज्ञापन
सड़क दुर्घटना और अन्य गंभीर मरीजों को वाराणसी या अन्य महानगरों को जाने से मिलेगी मुक्ति
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
बलिया। जनपद के गंभीर मरीजों के बेहतर चिकित्सकीय सुविधा के लिए छह वर्ष पूर्व बनकर तैयार ट्रामा सेंटर को शुरू करने की कवायद शासन स्तर से हो रही है। सड़क दुर्घटना और अन्य गंभीर मरीजों को इलाज के लिए वाराणसी व अन्य महानगरों में जाने से छुटकारा मिलेगा। इससे धन व समय की बचत होगी। शासन ने बलिया सहित 10 जिलों में बने ट्रामा सेंटर को शुरू करने का फैसला लिया है।
जिला अस्पताल परिसर में वर्ष 2016 में बनकर तैयार ट्रामा सेंटर में हड्डी, सर्जन व फिजिशियन व मनोरोग चिकित्सक की ओपीडी चल रही है। करोड़ों रुपये के आधुनिक उपकरण होने के बावजूद जीवन मौत के बीच जूझ रहे मरीजों को तत्काल राहत के लिए आईसीयू वार्ड व अन्य चिकित्सकीय सुविधाएं नही हैं। इसे शुरू करने में अस्पताल प्रशासन संसाधन, विशेषज्ञ चिकित्सकों व कर्मचारियों की कमी का रोना रो रहा हैं।
विज्ञापन

इसे शासन अब ग्रामीण क्षेत्रों के सीएचसी व पीएचसी पर तैनात एनेस्थीसिया (बेहोशी), सर्जन व हड्डी रोग चिकित्सक, नर्स व अन्य कर्मचारियों की तैनाती ट्रामा सेन्टर पर होगी। कुछ माह पूर्व शासन द्वारा ट्रामा सेंटर के लिए हड्डी रोग विशेषज्ञ डा. गौरव राय व डा. मल्ल व एक ईएमओ डा. पंकज कुमार सहित चार चार डाक्टर मिले हैं।
सीएमओ स्तर से 13 स्टाप नर्स, 10 वार्ड ब्वाय, एक डीआरए, दो एक्स-रे टेक्निशियन को जिला अस्पताल को दिया गया हैं। अन्य व्यवस्था मिलते ही ट्रामा सेंटर शुरू हो जाएगा। अस्पताल प्रशासन ने ट्रामा सेन्टर में 24 घंटे गम्भीर मरीजों के इलाज की सुविधा शुरू करने के लिए आईसीयू वार्ड, विशेषज्ञ चिकित्सक, एनेस्थीसिया व अन्य स्टाप की मांग शासन को भेजा है। जिसे पूरा होते ही मरीजों को सभी चिकित्सकी सुविधाएं ट्रामा सेंटर में मिलने लगेगी।

ट्रामा सेंटर शुरू करने के लिए अस्पताल प्रशासन के पास प्रर्याप्त चिकित्सक व स्टाफ मौजूद है। अगर और चिकित्सक व कर्मचारियों की कमी है तो मांग करें, उन्हें उपलब्ध कराया जाएगा। - डा. जयंत कुमार, जिला मुख्य चिकित्साधिकारी
विज्ञापन


ट्रामा सेंटर को आंशिक रूप से संचालित किया जा रहा हैं। शासन से आईसीयू व अन्य संसाधन व कर्मचारी बढ़ाने की मांग की गई है। मिलते ही सभी चिकित्सकीय सुविधाएं मिलने लगेगी। - डा. दिवाकर सिंह, सीएमएस, जिला अस्पताल
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें