बलिया। जिले में खाद्यान्न घोटाले की जांच फिर तेज हो गई है। बुधवार को ईओडब्ल्यू वाराणसी की टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी व मनियर विकास खंड के एडीओ पंचायत अरुण कुमार सिंह को गिरफ्तार किया है।
साथ ही टीम ने आरोपी को विशेष न्यायालय, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, वाराणसी में पेश करने के लिए साथ लेकर रवाना हो गई। ईओडब्ल्यू द्वारा अचानक की गई इस कार्रवाई से ब्लॉक मुख्यालय में हड़कंप मच गया।
आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (ईओडब्ल्यू) वाराणसी की टीम ने इंस्पेक्टर सुनील कुमार वर्मा के नेतृत्व में खाद्यान्न घोटाले में संलिप्त एडीओ पंचायत अरुण कुमार सिंह निवासी ग्राम खटंगी थाना सिकंदरपुर को मनियर ब्लॉक गेट के पास से गिरफ्तार किया। आरोपी के विरुद्ध सिकंदरपुर थाने में वर्ष 2006 में अभियोग खाद्यान्न घोटाले का अभियोग पंजीकृत है। तब आरोपी ब्लॉक नवानगर में ग्राम पंचायत अधिकारी नियुक्त था और वर्तमान में मनियर ब्लॉक में कार्यरत है।
बता दें कि वर्ष 2002 और 2005 के मध्य केंद्र सरकार की ओर से चलाई गई संपूर्ण ग्रामीण रोजगार योजना के तहत ग्रामीण परिवार जो अतिनिर्धन, गरीब बाल श्रमिकों के माता-पिता को रोजगार देकर खाद्यान्न और नकद का भुगतान किया जाना था। लेकिन सीडीओ और ग्राम विकास से जुड़े अधिकारियों और कोटेदारों ने अभिलेखों में कूटरचना कर धांधली की।
ईओडब्ल्यू के अनुसार वर्ष 2002 से 2005 के दौरान जनपद के नवानगर ब्लॉक के विभिन्न गांवों में ग्राम पंचायत के अंश से योजना के तहत मिट्टी, नाली निर्माण, खड़ंजा, पटरी मरम्मत, संपर्क मार्ग, सीसी और पुलिया का निर्माण कराया जाना था। लेकिन कार्य मानक के अनुरूप नहीं हुए और अपूर्ण मिले। लेकिन अरुण कुमार सिंह ने अन्य सहअभियुक्तों से मिलीभगत कर धोखाधड़ी की। कूटरचित अभिलेखों के आधार पर शासकीय धन का गबन किया।
खाद्यान्न का वितरण मजदूरों को नहीं किया गिरफ्तार अभियुक्त को विशेष न्यायालय भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम वाराणसी के समक्ष प्रस्तुत करने हेतु पुलिस टीम वाराणसी के लिए लेकर रवाना हो गई।म