बलिया। वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए सहभागी ग्राम पंचायत विकास योजना/वार्षिक कार्य योजना तैयार की जाएगी। निदेशक पंचायतीराज का पत्र मिलने के बाद डीएम ने विस्तृत आदेश के साथ तिथिवार रोस्टर जारी कर दिया है।
जिले में पंचायतों द्वारा कराए जाने वाले विकास कार्यों की कार्ययोजना तैयार करने की कवायद शुरू हो गई है। डीएम ने सभी बीडीओ व एडीओ पंचायतों को पत्र भेजकर आवश्यक दिशा निर्देश दिए हैं। शासन द्वारा नियत तिथि के भीतर नियोजन प्रक्रिया प्रारंभ करते हुए पंचायतों के सामाजिक एवं आर्थिक विकास को देखते हुए नौ बिंदुओं पर वार्षिक कार्य योजना ग्राम क्षेत्र व जिला पंचायत द्वारा तैयार की जाएगी। इन समितियों के अनुमोदन के बाद उसे ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। कहा गया है कि नौ विषयों में से पंचायत द्वारा चयनित न्यूनतम एक व अधिकतम तीन विषय संबंधी गतिविधियों को सम्मिलित करते हुए कार्ययोजना का निर्माण किया जाएगा।
नौ विषयों के अलावा विकासात्मक आवश्यकताओं पर केंद्रित योजना, एक या एक से अधिक ग्राम / क्षेत्र पंचायतों को लाभ पहुंचाने वाले कार्य, सामाजिक विषयों से संबंधित गतिविधियों को कार्ययोजना का अनिवार्य हिस्सा बनाना, स्त्री-पुरुष समानता के प्रति जिम्मेदार योजना तथा स्वच्छता, जल आपूर्ति, खेल के मैदान विकसित करने जैसी सुविधा सेवाओं पर जोर देना है। डीपीआरओ यतेंद्र सिंह ने बताया कि डीएम की ओर से पत्र जारी होने के बाद सभी ब्लॉक के बीडीओ व एडीओ पंचायतों को दिशा निर्देश दे दिया गया है। कहा कि सभी को निर्धारित रोस्टर के अनुरूप बैठक कराकर कार्ययोजना तैयार कराने को कहा गया है।
31 जनवरी 2023 को अंतिम रूप से अनुमोदित कार्ययोजना को ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर अपलोड किया जाना है। इसी तरह नवंबर 2022 से फरवरी 2023 तक ग्राम पंचायतों की कार्ययोजना पर विचार विमर्श के बाद क्षेत्र पंचायत योजना समिति से अनुमोदित कार्ययोजना को पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। दिसंबर 2022 से मार्च 2023 के मध्य जिले के क्षेत्र पंचायतों की कार्ययोजना पर विचार के बाद जिला पंचायत योजना समिति से अनुमोदित कार्ययोजना को ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। कार्य योजना तैयार करते समय स्वास्थ्य, शिक्षा, ग्राम्य, राज्य ग्राम आजीविका मिशन व वन विभाग के कार्यों को भी सम्मिलित किया जाएगा। इसके अलावा डीएम ने कई बिंदुओं पर कार्य करने के लिए विस्तृत आदेश जारी किया है।