बलिया। सदर कोतवाली के गुदरी बाजार निवासी पशुपति नाथ चौरसिया ने न्यायालय मुख्य मजिस्ट्रेट के अदालत में अपील कर तीन लोगों पर धोखाधड़ी कर जमीन कब्जा करने का आरोप लगाया है। कोर्ट ने मामले में पुलिस को आरोपी मोहनजी तुरहा, बाबूराम यादव व धनश्याम दास पर मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है। पशुपति नाथ ने आरोप लगाया है कि मौजा नेवरी में 29 मई 1953 को भगत मियां से बैनामा करा लिया था, जिसका दाखिल खारिज होकर खतौनी में प्रार्थी का नाम दर्ज है। उक्त जमीन को हड़पने के उद्देश्य से शिवपूजन तुरहा द्वारा तहसील बलिया के अभिलेखागार में फसली वर्ष 1345 की खतौनी व खेसरा के शिकमी कालम में उपरोक्त जमीन अपने पिता चरित्र तुरहा लिखवा दिया। डीएम कोर्ट में वाद दाखिल करने के बाद शिवपूजन ने परिवादी से समझौता कर लिया। शिवपूजन की मृत्यु 2005 होने के बाद पोता मोहन तुरहा दादा के नाम से फर्जी वसीयत बनवा ली। उसके आधार पर घनश्याम दास कूटरचित दस्तावेज तैयार करके सब रजिस्ट्रार बलिया से असली तथ्य छुपाकर बिना खतौनी दिखाये उपरोक्त जमीन को मोहन गुप्ता ने बाबूराम यादव को मुवाहिदा 28 अगस्त 2017 को करा दिया। पुनः चार सितम्बर 2017 को मोहनजी उक्त आराजियात में बची हुई जमीन जयचन्द राय, केदार ओझा व देवेन्द्र तिवारी से मिलकर साजिश रचकर तीनों के नाम मुवाहिदा कर दिया। इस कृत्य में आशुतोष सिंह और सत्येन्द्र राय का भी सहयोग रहा। इसकी शिकायत कोतवाली व एसपी कार्यालय में करने के वावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई तो पीड़ित को कोर्ट की शरण लेनी पड़ी। सदर कोतवाल संजय सिंह ने बताया कि अभी कोर्ट से कोई आदेश पत्र नहीं मिला है। जो आदेश मिलेगा, उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।