विशुनपुरा। क्षेत्र के करीमपुर गांव स्थित समाजसेवी आर्येंद्र कुमार उर्फ प्रसादी सिंह के आवास परिसर में नवनिर्मित शिव मंदिर के प्राण प्रतिष्ठात्मक रुद्र महायग्य के अवसर पर श्री राम कथा साप्ताहिक ज्ञान यज्ञ कथामृत का रसपान कराती हुई वृंदावन से पधारी परम विदूषी साधना किशोरी ने कहा कि विषयों के प्रति मन की अशक्ति, भवबंधन एवं विरक्ति ही मोक्ष का कारण है। कहा कि साठ वर्ष की उम्र में मनुष्य सठिया(सठ)जाता है। इस सठता से उबरने का कलियुग में सर्व सुलभ एक ही उपाय है, वह है नाममंत्र। नाममंत्र का श्रवण एवं सत्संग से मनुष्य सठता से मुक्त होकर परमगति को प्राप्त कर सकता है। इस अवसर पर मुख्य यजमान समाजसेवी आर्येंद्र कुमार सिंह , सपत्नीक श्रीराम जानकी एवं श्रीरामचरित्र मानस का वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधिवत पूजन किया। चंद्र देव सिंह, सुनील यादव, रवींद्र यादव, नागा तिवारी, विनय कुमार यादव, जयप्रकाश यादव आदि उपस्थित रहे।