बलिया। सोहांव ब्लाक के सेंदुरिया ग्रामसभा में लक्ष्मी नारायण यज्ञ के अवसर पर प्रयाग और काशी से संत पधारे हैं। आदिगुरु शंकराचार्य महासंस्थान सुमेरूमठ काशी के शंकराचार्य नरेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि गंगा विश्व की धरोहर है। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, झारखंड एवं बंगाल के 40 करोड़ आबादी का जीवन-यापन खतरे में है। कहा कि गंगा पर दो स्तर पर कार्य करने की जरूरत है। एक तरफ जहां गंगा को गंदे करने वाले दंडित किए जाय, वहीं गंगा का अस्तिव धराधाम पर बचाए रखने के लिए संविधान में व्यवस्था किया जाय। इस मौके पर गंगा मुक्ति एवं प्रदूषण विरोधी अभियान के राष्ट्रीय प्रभारी रमाशंकर तिवारी ने कहा कि गंगा में गंदे नालों का गिरना देश की सनातन संस्कृति का अपमान है। कानपुर की टेनरिया हाईकोर्ट के निर्देश के बावजूद स्थानांतरित नहीं हो सकी है। इससे सरकार की लापरवाही उजागर हो रही है। इस अवसर पर तमाम दांडी स्वामी, संत एवं गंगा भक्त उपस्थित रहे।