जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. आनंद कुमार ने बताया कि प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के आह्वान पर इस साल मार्च से अब तक स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा 402 टीबी मरीजों को गोद लिया गया है। इसमें से 156 टीबी मरीज ठीक हो गए हैं, बाकी मरीजों का इलाज चल रहा है। जिन स्वयंसेवी संस्थाओं ने टीबी मरीजों को गोद लिया है वह हर माह उन्हें पुष्टाहार उपलब्ध कराते हैं, साथ ही उनकी अन्य परेशानी का भी समाधान करते हैं। इसके अलावा उनके संपर्क में रहकर उनका ख्याल रखते हैं कि टीबी की लड़ाई में वह अकेले नहीं हैं वह सब भी उनके साथ हैं।
जिला क्षय रोग अधिकारी ने बताया कि टीबी मरीजों को मिली भावनात्मक सहानुभूति, पुष्टाहार और दवा का असर हो रहा है। टीबी मरीजों की तेजी से रिकवरी हो रही है। कुल 2245 गोद लिए गये मरीजों में लगभग 826 टीबी को मात दे चुके हैं। उन्होंने बताया कि इस वर्ष अभी तक 2245 टीबी मरीजों को गोद लिया गया है। इसमें 970 महिलाएं व 1275 पुरुष शामिल हैं। जिले की 12 समाजसेवी व अन्य संस्थाओं, 32 स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी तथा जिला स्तरीय अधिकारीगण एवं कर्मचारियों ने उन्हें गोद लिया है। गोद लिये गये टीबी मरीजों को लगातार पोषण आहार वितरित किया जा रहा है। समय-समय पर स्वयंसेवी संस्थाएं उनके घर पर जाकर उनका हौसला बढ़ाने के साथ यह भी जानकारी ले रही हैं कि वह पुष्टाहार और दवा का ठीक से सेवन कर रहे हैं या नहीं।