बलिया। सिकंदरपुर क्षेत्र के जिंदापुर गांव में ताजिया विसर्जन के दौरान विभागीय उदासीनता के चलते करेंट से तीन लोगों की मौत हो गई थी। जिसको लेकर प्रशासनिक अमला उदासीन रहा। यह बातें सपा के जिलाध्यक्ष संग्राम सिंह यादव तथा पूर्व मंत्री मो. रिजवी एवं नारद राय ने मंगलवार को पार्टी कार्यालय पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान कही। कहा कि सिकंदरपुर क्षेत्र के जिंदापुर में ताजिया जुलूस निकाला गया था। इस दौरान करंट लगने से जुलूस लेकर वापस लौट रहे मुस्लिम समुदाय के तीन लोग गंभीर रूप से झुलस गए। जिसमें इमरान खां, सैफअली तथा सलीम खान की मौत हो गई। मौत के बाद गांव में मातम पसर गया वहीं करीब दर्जनभर लोग झुलस गए। इसमें विभागीय लापरवाही स्पष्ट रूप से सामने आई लेकिन आज तक न तो विभागीय अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया और न ही कोई कार्रवाई की गई। मौके पर सत्ताधारी पार्टी का सांसद, विधायक न तो कोई नुमाइंदा पहुंचा। पूर्व मंत्री नारद राय ने कहा कि ऐसे ही एक मामले में डूबने से मौत हुई थी। जिसमें तत्कालीन सीएम अखिलेेश यादव ने दलित परिवार के लोगों को पांच-पांच लाख रुपये दिए थे। इस मौके पर मृतकों के परिजन नूर मुहम्मद, मोहम्मद अली खान, अमिर खान, जिला प्रवक्ता राजन कन्नौजिया, शिवजी त्यागी, अजय यादव, रविंद्र यादव, अजीत यादव, मुन्ना गिरी, मिंटू खान आदि मौजूद रहे।