क्षेत्र की रजवाहा माइनर किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। दो गांवों के किसानों की फसल पानी मे डूब गई है। जिससे किसान चिंतित हैं। किसानों का आरोप है कि तीन सालों से लगातार रबी की फसल पानी में डूब जा रही है। जिससे आर्थिक बदहाली की स्थिति पैदा हो गई है। क्षेत्र की रजवाहा माइनर में पानी तीन सालों से सिर्फ एक बार आता है और फसल को बर्बाद कर देता है। जब पानी की आवश्यकता होती है, रजवाहा माइनर में पानी नहीं आता है। किसान जब एन केन प्रकरेण से रबी की फसल की बुआई कर लेता है, तब नहर में पानी आता है। डेढ़ सौ एकड़ से ऊपर की रबी की फसल को बर्बाद कर देता है। खनवर एवं सोनाड़ी गांव के किसान सुग्रीव उपाध्याय, सुभाष सिंह, मोहन उपाध्याय, बालेश्वर उपाध्याय, संगीता तिवारी, शकुंतला उपाध्याय, अवधेश उपाध्याय, व्यास उपाध्याय, गुड्डू उपाध्याय, ब्रम्हदेव उपाध्याय, तारकेश्वर सिंह, रामदेव उपाध्याय, जगदीश सिंह, आदि डेढ़ दर्जन किसान की फसल नहर के पानी मे डूब गई है। फसल डूबने से किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें झलक रही है। किसानों का आरोप है नहर के पानी से फसल बर्बाद हो गई है। धान के समय व बुआई से पहले नहर में पानी नही आता है। जब किसान किसी तरह अपनी फसल की बुआई कर लेता है। तीन सालों से पानी छोड़ दिया जाता है, जिससे हम लोगों की रबी की फसल डूब जाती है। किसानों ने नहर विभाग से मुआवजा दिलाने की मांग जिलाधिकारी से की है।