बलिया। गंगा के साथ विश्वासघात करने वालों को राष्ट्र माफ नहीं करेगा। आजाद भारत की सरकारों ने ही संस्कृति संवाहक गंगा के पांव टिहरी में कैद कर रखे है। नदियों के प्रवाह को बाधित कर उसके सफाई का इंतजाम राजनैतिक प्रपंच है। जिसे देशवासी अब समझने लगे है। यह बातें गंगा प्रदूषण मुक्ति एवं प्रदूषण विरोधी अभियान के राष्ट्रीय प्रभारी रमाशंकर तिवारी ने शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान कही। उन्होने बताया दिल्ली के जंतर-मंतर पर अगस्त क्रांति के दिन उपवास एवं प्रदर्शन भी किया है। कहा कि उत्तरी भारत की जीवन रेखा गंगा संकट में है। प्रगतिशीलता की अंधी बयार पर्यावरण पर प्रहार कर रही है। सरकारें आर्थिक विकास का मोहजाल खड़ा कर जीवन संभावनाओं पर ही प्रश्न चिन्ह लगा रही है। कहा कि जल्द ही गंगा मुक्ति चेतना यात्रा निकालकर जनसंवाद स्थापित किया जाएगा। इस मौके पर सतीश चंद्र महाविद्यालय के पूर्व महामंत्री सियाराम यादव मौजूद रहे।