बेल्थरारोड। माध्यमिक विद्यालयों में शैक्षिक व्यवस्था और अनुशासन पटरी पर लाने की कवायद के तहत बायोमेट्रिक मशीन और सीसीटीवी कैमरा लगाने का शासन का फरमान हवा-हवाई साबित हो रहा है। नकल और शैक्षिक अराजकता के लिए सूबे में कुख्यात बेल्थरारोड तहसील क्षेत्र के कुछ एक विद्यालय को छोड़ अधिकांश विद्यालयों में व्यवस्था लागू नहीं हो सकती है। सरकार बेपटरी हो चुकी माध्यमिक शिक्षा की व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए भले ही तमाम कवायद कर रही हो, लेकिन इन कवायदों का जमीनी धरातल पर कोई परिणाम निकलता नहीं दिख रहा है। प्रदेश शासन ने पिछले दिनों आदेश जारी कर नए शिक्षा सत्र से माध्यमिक विद्यालयों में बायोमैट्रिक मशीन और सीसीटीवी कैमरा लगाना सुनिश्चित करने का आदेश जारी किया था। लेकिन अंगुली पर कुछ विद्यालयों को छोड़ अभी भी अधिकांश विद्यालयों में व्यवस्था लागू नहीं हो पाई है। प्रदेश शासन ने अपने आदेश में स्पष्ट किया था कि वित्तविहीन विद्यालय अपने निजी संसाधन और अशासकीय विद्यालय विकास निधि से यह व्यवस्था करेंगे। बेल्थरारोड के नगरीय क्षेत्र में स्थित डीएवी इंटर कॉलेज में शिक्षा सत्र शुरू होने के पहले ही बायोमैट्रिक मशीन और सीसीटीवी कैमरा का संचालन शुरू हो गया है। विद्यालय के प्रधानाचार्य बनारसी यादव ने विश्वास जताया कि इस व्यवस्था से विद्यालय के कुशल संचालन में सहूलियत होगी। वहीं शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार होगा। इसके अलावा नगर क्षेत्र के अन्य विद्यालयों में भी यह व्यवस्था शुरू की गई है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित शासकीय और वित्तविहीन विद्यालयों में अभी तक यह व्यवस्था लागू नहीं की गई। इस स्थिति के चलते सरकारी फरमान की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।