बैरिया। संत सुदिष्टबाबा के समाधि स्थल के पास सजने लगा है तम्बुओं का महल। करीब ढाई सौ वर्ष पुराने परम्परा के मुताबिक इस वर्ष भी अगहन शुदी पंचमी के दिन धनुषयज्ञ मेला का आयोजन 23 नवम्बर को शुभारम्भ हो रहा है। मेला में अभी से ही बिहार के सोनपुर, मरहौरा, इटावा, कानपुर, लखीमपुरखीरी, बलिया व कई जनपदों से व्यपारी पहुंच कर तंबू लगा रहे हैं। धनुयज्ञ मेला करीब 15 बीघा में आयोजन होता है, पहले 36 चौक बनाये जाते थे, लेकिन इसबार के मेले में कुल 44 चौक व चार दर्जन गलिया बनाया जा रहा है। परम्परा के मुताबिक मेले के प्रथम दिन अगहन शुदी पंचमी के दिन साधु संतों का जमावड़ा होता है। क्षेत्र व दूरदराज के लोग के बाबा के समाधि पर माथा टेंकने के बाद जलेबी संघ सब्जी का लुफ्त उठाते है। बिहार के सोनपुर से आये खिलौना के दुकानदार राजू कुमार ने बतलाया कि हम वर्षों से इस मेले के मीनाबाजार में दुकान लगाते हैं, बाबा की कृपा से अच्छी कमाई भी हो जाती है। मरहौरा से आये परचून के दुकानदार उपेन्द्र साह ने कहा कि आज भले ही आपको तम्बू लगाते दिखाई दे रहा है,लेकिन जब सज जाएगा तो यही मेला आकर्षण का केन्द्र बनेगा। मेला व्यवस्थापक पूर्व प्रधान व प्रधानपति गौरीशंकर प्रसाद ने कहा कि मेला में आने वाले व्यापारियो के हर बुनियादी सुविधाओं का ध्यान रखा जाएगा।