बलिया। नगर के एक होटल में सोमवार को जन अधिकारों को लेकर संघर्ष करने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं की बैठक हुई। बैठक में हिन्दी को राष्ट्रभाषा घोषित करने की मांग की गई और इसको लेकर विचार विमर्श किया गया। संतोष प्रसाद गुप्त की ओर से सूचना अधिकार के तहत केन्द्रीय सूचना आयोग से मिली जानकारी पर भी विचार किया गया। तेजनारायन ने कहा कि इसके लिए प्रधानमंत्री को संबोधित पत्रक डीएम को दिया जाएगा। कहा कि 19 अगस्त के बलिया बलिदान दिवस को विजय दिवस भी कहा जाता है, इसे राष्ट्रीय अवकाश घोषित किया जाए। प्रोफेसर एसके श्रीवास्तव ने भी हिन्दी को राष्ट्रभाषा की दर्जा देने की मांग की। इस मौके पर डा. फतेहचंद बेचैन, डा. एसपी गुप्ता, गणेश यादव, सुमंत ठाकुर, एमए साहू, श्रेया मालिनी, राणाजी, बब्बन यादव, केके पाठक, मंटू साहनी, विनोद, विवेकानंद सिंह, मो. जाहिद, मुजफ्फर आलम, श्रीराम ठाकुर, उमाशंकर आदि थे।