बालिया। शासन के निर्देश पर जिला कारागार को खाली करने की प्रकिया शुरू हो गई है। शुक्रवार को भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच 50 विचाराधीन बंदियों को मऊ जेल भेजा गया। अब जेल में करीब 493 महिला-पुरुष बंदी रह गए है। 25 सिद्धदोष बंदियों को पहले ही वाराणसी सेंट्रल जेल भेजा जा चुका है। अल्प वयस्क 49 बंदियों को जिला जेल आजमगढ़ में निरुद्ध किया जाएगा।
अंग्रेजों की ओर से वर्ष 1917 में पुलिस लाइन से सटे करीब 14.6 एकड़ जमीन पर जिला जेल का निर्माण हुआ था। कुछ दशकों से शहर का विस्तार हुआ तो जेल के आसपास कालोनियां बस गईं। 339 बंदियों की क्षमता वाले जिला कारागार में वर्तमान में लगभग साढ़े पांच सौ बंदी थे। यहां जलभराव, सुरक्षा सहित तमाम परेशानियां झेलने पड़ती थीं। जिला अस्पताल के बगल में जीआईसी की जमीन पर मेडिकल काॅलेज निर्माण की कवायद चल रही है। नई जेल निर्माण के लिए गड़वार के नारायणापाली में जमीन चिह्नित कर ली गई है, किसानों से रजिस्ट्री बाकी है। एक हजार से अधिक बंदी क्षमता की नई जेल का निर्माण होना है। जेल के बंदियों को गैर जिला भेजे जाने पर राजनीतिक गलियारे में आक्रोश है। विपक्षी नेताओं ने जेल निर्माण के बाद बंदियों को भेजने की बात कही है।