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डीएम ने चिकित्सा अधीक्षक को दी चेतावनी

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सिकंदरपुर। जिलाधिकारी सुरेंद्र विक्रम ने राजकीय महिला चिकित्सालय नवानगर व सीएचसी सिकन्दरपुर का जायजा लेकर वहां की चिकित्सा व्यवस्था का सच जाना। इस दौरान मिली दुर्व्यवस्था पर उन्होंने सवाल किया जब धनराशि पर्याप्त है तो ऐसी खराब स्थिति क्यों है ? नवानगर में तो राजकीय महिला अस्पताल की स्थिति पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए ठोस कार्रवाई के भी संकेत किए। सीएचसी सिकंदरपुर पर भी व्यवस्था खराब ही मिली। जिलाधिकारी ने चिकित्सा अधीक्षक को सुधार लाने की चेतावनी दी। जिलाधिकारी जब नवानगर अस्पताल पर वहां गए तो पाया कि वहां बिजली व्यवस्था है ही नहीं। वहां जेनसेट भी नहीं है। पेयजल के लिए भी कोई साधन नहीं मिला। उन्होंने कहा कि जब बिजली नहीं, जेनसेट नहीं तो चिकित्सा व्यवस्था कैसे बेहतर हो सकती है। इससे पहले इन सब कमियों से अवगत क्यों नहीं कराया गया ? उन्होंने वहां के प्रभारी पर कार्रवाई करने का निर्देश एसीएमओ डॉ. केडी प्रसाद को दिया। साथ ही जो भी कमियां है उसका विवरण मांगा। एसडीएम राजेश यादव को निर्देश दिया यहां जल्द बिजली कनेक्शन दिलवाने के लिए बिजली विभाग को निर्देशित करें। पेयजल के लिए बोरिंग कराकर समरसेबल लगवाने के निर्देश दिया। प्रकाश की व्यवस्था के लिए क्रिटिकल गैप योजना से दो सोलर लाइट देने को कहा। इसके बाद प्रसव कक्ष में गए तो टूटी छत देख भड़क गए। कहा कि इसकी मरम्मत क्यों नहीं कराई गई। खुले में दवा रखे जाने पर अलमारी खरीदने के निर्देश दिए। वहां की हर व्यवस्था से जिलाधिकारी असन्तुष्ट दिखे और प्रभारी पर कार्रवाई के निर्देश दिए। वहां से सीएचसी सिकन्दरपुर पहुंचे जिलाधिकारी ने अस्पताल के एक-एक कमरों का निरीक्षण किया। वार्ड में गए तो वहां भर्ती एक मरीज के पास अस्पताल का कम्बल भी नहीं था। दवाएं भी बाहर से लिखी गई बताई गई। जिलाधिकारी ने प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक को फटकार लगाई और कार्यशैली में सुधार लाने की चेतावनी दी। दंत चिकित्सा के लिए पड़ी मशीन भी सही हालात में नहीं मिली। डीएम ने कहा, जब दो-दो दांत के डॉक्टर हैं तो मशीन भी ठीक रहे, ताकि दांतो से संबंधित समस्या पर किसी को जिला मुख-याल पर नहीं जाना पड़े। संसाधन है तो उसका सदुपयोग हो। परिसर में खराब पड़े हैंडपंप को रिबोर कराने का निर्देश बीडीओ को दिए। परिसर में ही मरीज के तीमारदारों के लिए शेड लगवाने को कहा। इस दौरान एसडीएम राजेश यादव, सीओ, एसओ अनिल तिवारी के अलावा स्वास्थ्य विभाग से एसीएमओ डॉ. केडी प्रसाद साथ थे।
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